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डिपोर्टेशन के लिए महंगे सैन्य विमान क्यों इस्तेमाल कर रहे हैं Donald Trump, क्या है मकसद?

Trump immigration policies: डोनाल्ड ट्रंप अवैध प्रवासियों को वापस उनके देश भेज रहे हैं। अमेरिकी सरकार अपने देश में अवैध रूप से रह रहे लोगों को सैन्य विमानों से उनके देश वापस भेज रही है।

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Donald Trump Mission Deportation: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड अपने देश में रहने वाले अवैध प्रवासियों के खिलाफ बड़ा अभियान चला रहे हैं। इसी के तहत, 4 फरवरी को अमेरिका से एक सैन्य विमान ने 205 भारतीय नागरिकों को लेकर पंजाब के लिए उड़ान भरी। डिपोर्टेशन के लिए सैन्य विमानों का इस्तेमाल अमेरिका में असामान्य है, क्योंकि इसमें काफी खर्चा आता है। हाल ही में कोलंबिया ने सैन्य विमानों को अपने देश में उतरने की इजाजत देने से इंकार किया था। ऐसे में यह सवाल लाजमी है कि डोनाल्ड ट्रंप प्रवासियों को उनके देश भेजने के लिए सैन्य विमानों के इस्तेमाल पर जोर क्यों दे रहे हैं?

C-17 विमान का इस्तेमाल

अमेरिका आमतौर पर डिपोर्टेशन के लिए कमर्शियल चार्टर इस्तेमाल करता है, जो सामान्य कमर्शियल विमानों की तरह दिखते हैं और अमेरिकी इमिग्रेशन एंड कस्टम इंफोर्समेंट (ICE) द्वारा संचालित होते हैं। लेकिन ट्रंप प्रशासन C-17 सैन्य विमानों से प्रवासियों को उनके देश भेजने में ज्यादा दिलचस्पी दिखा रहा है। भारतीय प्रवासियों को भेजने के लिए भी इसी विमान का इस्तेमाल किया गया।

चार्टर फ्लाइट से अधिक लागत

न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने दोनों विमानों की तुलनात्मक लागत की कैलकुलेशन की है। उसकी रिपोर्ट के अनुसार, ग्वाटेमाला के लिए हाल ही में एक सैन्य डिपोर्टेशन फ्लाइट की लागत प्रति व्यक्ति के हिसाब से करीब 4675 डॉलर (4,07,655 रुपये) होने की संभावना है। यह लागत अमेरिकी इमिग्रेशन एंड कस्टम इंफोर्समेंट (ICE) की ओर से संचालित कमर्शियल चार्टर फ्लाइट की लागत से भी ज्यादा है।

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भारत की उड़ान सबसे लंबी

रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि C-17 मिलिट्री ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट उड़ाने की अनुमानित लागत 28,500 डॉलर प्रति घंटा है। भारत के लिए डिपोर्टेशन फ्लाइट अब तक की सबसे लंबी उड़ान है, ऐसे में इस पर आए खर्चे का अंदाजा लगाया जा सकता है। अब तक, ऐसी उड़ानें ग्वाटेमाला, पेरू, होंडुरास और इक्वाडोर के लिए जा चुकी हैं। कोलंबिया के लिए भी एक सैन्य विमान उड़ा था, लेकिन वहां की सरकार ने अप्रवासियों को वापस लाने के लिए अपने खुद के विमान भेजे।

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यह संदेश देने की कोशिश

डोनाल्ड ट्रंप अक्सर अवैध अप्रवासियों को ‘एलियन’ और ‘अपराधी’ कहते आए हैं, जिन्होंने अमेरिका पर आक्रमण किया है। लिहाजा, सैन्य विमानों से अवैध प्रवासियों को वापस भेजकर ट्रंप यह संदेश देना चाहते हैं कि वह ऐसे अपराधों को बेहद कितना गंभीर हैं। प्रवासियों को हथकड़ी लगाकर विमानों में बैठाया जा रहा है, जो उन्हें अपराधी की तरह ही दर्शाता है।

जारी हुईं थीं तस्वीरें

कुछ वक्त पहले व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने हथकड़ी लगे प्रवासियों की तस्वीरें पोस्ट कीं थीं, जो सैन्य विमान की ओर बढ़ रहे थे। अपनी पोस्ट में उन्होंने लिखा था कि डिपोर्टेशन फ्लाइट उड़ानें शुरू हो गई हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पूरी दुनिया को एक मजबूत और स्पष्ट संदेश भेज रहे हैं: यदि आप अवैध रूप से संयुक्त राज्य अमेरिका में प्रवेश करते हैं, तो आपको गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।

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