Bad news for borrowers: भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने अपनी 1-वर्ष की सीमांत लागत-आधारित ऋण दर (MCLR) को 10 आधार अंकों (BPS) तक बढ़ा दिया है। नई दर अब 8.4 प्रतिशत है। एमसीएलआर वह न्यूनतम ब्याज दर है जिस पर कोई बैंक, कुछ अपवादों को छोड़कर, ऋण नहीं देगा। ग्राहकों को पता होना चाहिए कि एमसीएलआर में बढ़ोतरी के कारण उनका कर्ज और ईएमआई महंगी हो जाएगी।
लेकिन ध्यान रखें कि एमसीएलआर में वृद्धि केवल फ्लोटिंग ब्याज दर को प्रभावित करती है; निश्चित ब्याज दर पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। यदि भारतीय रिजर्व बैंक रेपो दर बढ़ाता है तो बैंक अपने ग्राहकों पर लागत को पारित करने के लिए अपनी उधार दरों या एमसीएलआर में वृद्धि करते हैं।
और पढ़िए –Profitable Scheme: अब बच्चे भी बड़े होने तक कमा लेंगे 8 लाख! LIC की आधारशिला पॉलिसी ने खड़े किए मजे
बैंक ने दिसंबर 2022 में पहले ही एमसीएलआर बढ़ा दिया था। उस समय उसने छह महीने और एक साल की अवधि के लिए एमसीएलआर को 8.05 फीसदी से बढ़ाकर 8.30 फीसदी कर दिया था। दो साल के लिए एमसीएलआर 8.25 फीसदी से बढ़कर 8.50 फीसदी और तीन साल के लिए 8.35 फीसदी से बढ़कर 8.60 फीसदी हो गया।
संबंधित खबरें
8 रुपये प्रति लीटर तक महंगा होगा दूध, राज्य सरकार का बड़ा फैसला
5 hrs agoजुलाई-सितंबर तिमाही में 7.35% रहेगी भारत की GDP ग्रोथ: वित्त मंत्रालय
6 hrs agoअंबुजा सीमेंट्स Q2 नतीजे जारी, 9197 करोड़ रुपये रहा रेवेन्यू, जानें अपडेट
7 hrs agoसेंसेक्स में 600 अंकों की तूफानी तेजी, जानिए बाजार में अचानक उछाल की वजहें
9 hrs agoPNB में डिजिटल डकैती, ग्रेटर नोएडा में बैंक ग्राहकों के कैसे डूबे 35 करोड़
11 hrs agoAmazon में किंडल और इको टीम से 250 कर्मचारियों की छंटनी, AI बना बड़ी वजह
12 hrs agoचीन में फूटा AI का बुलबुला, 4 महीने में स्वाहा हुए 40 लाख करोड़ रुपये
14 hrs agoप्लास्टिक नोट को सरकार से मंजूरी, छपेंगे 10 और 20 रुपये के 1 अरब पॉलिमर नोट
14 hrs agoपीएम किसान की 24वीं किस्त कल होगी जारी, आज ही चेक कर लें अपना स्टेटस
15 hrs agoअदाणी एंटरप्राइजेज का मुनाफा बढ़ा, EBITDA 56% उछलकर 11958 करोड़ पर पहुंचा
1 day agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines