फिक्की के अध्यक्ष अनंत गोयनका ने कहा कि फरवरी का महीना भारतीय उद्योग जगत के लिए एक ट्रिपल बोनांजा (Triple Bonanza) की तरह है. क्योंकि पहले भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) मदर ऑफ ऑल डील्स हुआ, फिर बजट संसद में पेश किया गया और उसके बाद भारत और अमेरिका के बीच ये ट्रेड डील हुई. भारत-अमेरिका ट्रेड डील से एक्सपोर्ट और अर्थव्यवस्था के विस्तार के लिए नई संभावनाएं बनी हैं. इससे टेक्सटाइल, Gems & Jewellery और Leather सेक्टर को सबसे ज्यादा फायदा होगा. इस डील से न केवल व्यापार विश्वास को मजबूती मिलेगी, बल्कि दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्रों के बीच निरंतर सहयोग के रणनीतिक महत्व को यह रेखांकित कर सकता है.
इंडियन ऑटो एलपीजी कोएलिशन के महानिदेशक सुयश गुप्ता ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का स्वागत किया और कहा कि दुनिया की दो बड़ी इकोनॉमी और लोकतंत्र के बीच हुई ये डील कई नई अवसरों के द्वार खोलने वाली है. हमारे देश को इससे फायदा होगा. देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को इसके लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूं. उन्होंने कहा कि इस डील से भारत की विश्वसनीयता बढ़ी है. इससे ग्रोथ के साथ जॉब्स बढेंगी.
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एसोचैम के अध्यक्ष निर्मल कुमार मिंडा ने कहा कि हाल ही में भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट हुआ है, जिसे मदर ऑफ ऑल डील्स कहा गया है. मैं अमेरिका और भारत के बीच हुए डील को फादर ऑफ ऑल डील कहूंगा क्योंकि भारत से सबसे ज्यादा एक्सपोर्ट अमेरिका को ही जाता है. इससे बहुत सारे सेक्टर्स को फायदा मिलेगा, जो पिछले 7-8 महीनों से हाई टैरिफ के कारण प्रभावित हो रहे थे. इससे टेक्सटाइल्स, जेम्स एंड ज्वेलरी, फुटवेयर्स और ऑटोमोबाइल आदि को फायदा मिलने वाला है. 18% टैरिफ होने के बाद हमारे पास एक्सपोर्ट का खुला अवसर है. अगले 5 साल में ट्रेड 500 बिलियन डॉलर बढ़ जाएगा.
आईसीईए के अध्यक्ष पंकज मोहिन्द्रू ने कहा कि इस डील के लिए देश के प्रधानमंत्री और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बधाई. अब भारत के पास अपने माल को अमेरिका में भारी मात्रा में एक्सपोर्ट करने का अच्छा मौका है. इस डील का पूरी इंडस्ट्री पर सकारात्मक असर होगा. पंकज मोहिन्द्रू ने कहा कि चीन के मुकाबले भारत पर टैरिफ बहुत कम है और भारत को इस मौके का उपयोग करना चाहिए. इस डील के कारण हम दौड़ में आगे निकल सकते हैं.
अर्थशास्त्री प्रोफेसर एम के अग्रवाल ने कहा कि भारत ने इस डील को बहुत ही मैच्योरिटी, समझदारी और धैर्य के साथ हैंडल किया है.इससे भारतीय अर्थव्यवस्था को निश्चित तौर पर फायदा होगा.
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NSE के एमडी और सीईओ आशीषकुमार चौहान ने भारत-अमेरिका व्यापार पर कहा कि इस डील की लंबे समय से उम्मीद की जा रही थी और अब हो गया है. सबसे अच्छी बात ये है कि इस डील को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है. इससे भारत के सर्विस और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बहुत फायदा होगा. साथ ही नौकरी के मौके बढ़ेंगे.अगला 10 साल भारत के लिए बहुत महत्वपूर्ण रहने वाला है. खासतौर से जॉब क्रिएशन और मैन्युफैक्चरिंग के लिए. उन्होंने कहा कि फरवरी का पहला सप्ताह बहुत कुछ लेकर आया. पहले मदर ऑफ ऑल डील और उसके बाद बजट पेश किया गया. उसके बाद अमेरिका के साथ ये डील हुई है, जो भारत के लिए अवसरों के द्वार खोलेगी.