पेट्रोल-डीजल की झंझट से छुटकारा और कम खर्च इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) आज लाखों लोगों की पहली पसंद बनते जा रहे हैं. भारत की सड़कों पर तेजी से बढ़ती EV की संख्या इस बदलाव की साफ गवाही देती है. लेकिन पेट्रोल कार से EV पर शिफ्ट होना सिर्फ गाड़ी बदलना नहीं, कुछ नई आदतें अपनाना भी है. खासकर चार्जिंग को लेकर. अगर सही तरीके से चार्जिंग न की जाए, तो बैटरी की उम्र घट सकती है और सेफ्टी का जोखिम भी बढ़ जाता है.
EV चार्ज करते समय इन 5 बातों का रखें ध्यान
1. गाड़ी के मुताबिक सही चार्जर का इस्तेमाल करें
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सबसे पहले यह सुनिश्चित करें कि जो चार्जर आप इस्तेमाल कर रहे हैं, वह आपकी EV के लिए सही हो. भारत में ज्यादातर इलेक्ट्रिक कारें CCS2 चार्जिंग स्टैंडर्ड पर चलती हैं. हाईवे पर फास्ट चार्जर काम के होते हैं, लेकिन रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए इन्हें आदत न बनाएं. फास्ट चार्जिंग से ज्यादा गर्मी पैदा होती है, जो समय के साथ बैटरी सेल्स को नुकसान पहुंचा सकती है. रोज के लिए घर पर AC चार्जर से धीरे-धीरे चार्ज करना ज्यादा सुरक्षित और फायदेमंद रहता है.
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2. रोजाना इस्तेमाल में 80% पर चार्ज रोकें
EV की बैटरी में लगा बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम ओवरचार्ज से बचाता है, लेकिन बेहतर बैटरी हेल्थ के लिए रोजाना चार्जिंग को 80 प्रतिशत तक ही सीमित रखें. इसे ऐसे समझें जैसे पानी की बोतल को हर बार पूरा भरना जरूरी नहीं होता. इससे बैटरी पर कम दबाव पड़ता है और उसकी क्षमता लंबे समय तक बनी रहती है. 100 प्रतिशत चार्ज सिर्फ लंबी यात्रा से पहले ही करें.
3. भरोसेमंद केबल और प्लग ही इस्तेमाल करें
चार्जिंग के लिए हमेशा कंपनी या अधिकृत डीलर से मिले केबल और प्लग का ही इस्तेमाल करें, जिन पर BIS जैसे सेफ्टी सर्टिफिकेशन हों. हफ्ते में एक बार केबल को ध्यान से देखें- कहीं कट, मुड़ा हुआ पिन या जरूरत से ज्यादा गर्म तो नहीं हो रहा. खराब केबल से शॉर्ट सर्किट या आग लगने जैसी गंभीर समस्या हो सकती है.
4. सूखी और हवादार जगह पर चार्ज करें
पानी और बिजली का मेल खतरनाक हो सकता है. इसलिए EV को हमेशा सूखी जगह पर चार्ज करें. बंद और घुटन भरे कोनों में चार्जिंग से गर्मी फंस सकती है. बेहतर है कि गैराज या ऐसी जगह चुनें जहां हवा का अच्छा प्रवाह हो. अगर चार्जिंग के दौरान किसी तरह की जलने की गंध, अजीब आवाज या असामान्य कंपन महसूस हो, तो तुरंत प्लग निकालें और सर्विस टीम से संपर्क करें.
5. सही जानकारी रखें और अफवाहों से बचें
हर रात चार्जिंग जरूरी नहीं होती. मोबाइल ऐप के जरिए चार्जिंग को अपने ड्राइविंग शेड्यूल के हिसाब से सेट करें. साथ ही हर 10,000 किलोमीटर पर सर्विस चेकअप कराना अच्छी आदत है, इससे छोटी समस्याएं समय रहते पकड़ में आ जाती हैं. ठंड या गर्म मौसम में चार्जिंग को लेकर फैली अफवाहों पर ध्यान न दें. मॉर्डन EV सही देखभाल के साथ भारतीय मौसम में आसानी से काम करती हैं.