भद्रा काल में राखी बांधना है निषेध
शास्त्रों के मुताबिक, भद्रा काल पूर्णिमा का पूर्वाद्ध माना जाता है। इस दौरान राखी बांधना निषेध बताया गया है। पंचांग के अनुसार, 30 अगस्त को पूर्णिमा का प्रवेश सुबह 10 बजकर 19 मिनट पर हो रहा है। जो कि 31 अगस्त को सुबह 7 बजकर 52 मिनट तक है। ऐसे में अगर आप इस दिन सुबह 10 बजकर 19 मिनट से पहले संकल्प लेते हैं तो वह उदया तिथि भी चतुर्दशी तिथि ही मान्य होगी। जबकि पुरी अवधि भद्रा काल के साए में रहेगी। ऐसे में इस वक्त रक्षा बंधन से संबंधित को भी कृत्य नहीं किया जा सकता। यह भी पढ़ें: Raksha Bandhan Gift: रक्षाबंधन पर अपनी बहनों को राशि के अनुसार दें गिफ्ट, रिश्तों में हमेशा रहेगी मिठासकब राखी बांधना रहेगा सबसे शुभ
पंचांग के अनुसार, 31 अगस्त का सूर्योदय पूर्णिमा तिथि में है। जो कि इस दिन सुबह 7 बजकर 52 मिनट तक रहेगी। ऐसे में इस दिन सुबह उठकर संकल्प लेकर रक्षा बंधन की प्रक्रिया शुरू कर दें। फिर आप पूरे दिन रक्षा बंधन का त्योहार मना सकते हैं। स्मरण रहे कि शास्त्र में यह व्यवस्था है कि भगवान सूर्य को साक्षी रखकर व्रत और पूजा का सङ्कल्प लिया जाता है।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी उपाय को करने से पहले संबंधित विषय के एक्सपर्ट से सलाह अवश्य लें।