महाकाल के दरबार में रक्षाबंधन का पर्व
कालों के काल बाबा महाकाल के दरबार में रक्षाबंधन का पर्व आस्था और उल्लास के साथ मनाया जाता है। श्रावण मास की पूर्णिमा के अवसर पर आज सुबह बाबा महाकाल के दरबार में विशेष भस्मारती की गई । इस मौके पर विशेष राखी बांधी गई। मान्यता है कि महाकाल की नगरी उज्जैन में हर शुभ कार्य की शुरुआत बाबा महाकाल के दरबार से होती है। यह भी पढ़ें: सावन की आखिरी पूर्णिमा आज, भूलकर भी ना करें ये गलतियां ; होता है बेहद बुरासवा लाख लड्डुओं को लगाया गया महाभोग
सुबह तीन बजे बाबा महाकाल का पंचामृत अभिषेक किया गया। बाबा को दूध-दही-शहद सहित अन्य द्रव्यों से स्नान कराया गय़ा। अभिषेक के बाद बाबा महाकाल को भस्म रमाई गई। भस्म के बाद बाबा महाकाल को राखी बांधी गई। इस मौके पर बाबा महाकाल के दरबार में लुड्डुओं का महाभोग लगाया गया। श्रृंगार और भोग के साथ की गई महाआरती इस भव्य भस्म श्रृंगार और भोग के साथ महाआरती की गई। रक्षाबंधन की भस्मारती पर बड़ी संख्या में भक्त बाबा के दरबार में मौजूद थे। सदियों से चली आ रही परंपरा के तहत बाबा महाकाल के दरबार में पण्डे पुजारियों द्वारा सबसे पहले राखी बांधकर विश्व कल्याण और रक्षा की कामना की गई। यह भी पढ़ें: Raksha Bandhan 2023 Date: रक्षा बंधन कब है आज या कल? इस समय तक है भद्रा, जानें शुभ मुहूर्त
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