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Puja Utensils: भगवान की पूजा में भूल से भी न करें ऐसे बर्तनों का उपयोग, वरना होगा उल्टा असर

Puja Utensils: पूजा-पाठ में कुछ बर्तनों का इस्तेमाल करने में बेहद सावधानी बरतनी होती है। आइए जानें खास नियम।

Puja Utensils
Puja Utensils: अधिकांश लोग अपने घरों में नियमित पूजा-पाठ करते हैं। भगवान की पूजा में अक्सर कई प्रकार की धातुओं से निर्मित बर्तनों के इस्तेमाल किए जाते हैं। घर हो या फिर मंदिर, दोनों ही स्थानों पर पूजन के दौरान उन्हीं बर्तनों का इस्तेमाल किया जाता है जो कि शुभ हो। हलांकि कई लोग आज भी इस बात से अनजान हैं कि पूजा-पाठ के दौरान किस प्रकार की धातु से बने बर्तनों का इस्तेमाल करना शुभ है। आइए धर्म-शास्त्र और ज्योतिष के जानकार पं. धनंजय पाण्डेय के अनुसार, जानते हैं कि पूजा-पाठ में किन धातुओं के बर्तनों का इस्तेमाल करना शुभ है।

तांबे के बर्तन

ज्योतिषाचार्य पं. धनंजय पाण्डेय बताते हैं कि पूजा के दौरान तांबे के बर्तनों में भोग लगाने से भगवान इसे स्वीकार करते हैं। ऐसे में आप जब भी पूजा-पाठ के दौरान भगवान को भोग लगाएं तो उसे तांबे के बर्तन में रखें। ऐसा करने से प्रभु प्रसन्न होते हैं और जिस उद्देश्य के लिए पूजा की जा रही है,वह संपूर्ण होती है। तांबे के पात्र से सूर्य देव को जल अर्पित करना अच्छा माना गया है।

स्वर्ण और पीतल का इस्तेमाल है शुभ

पंडित धनंजय पांडेय के मुताबिक, पूजा-पाठ के लिए मूर्तियों के लिए सोना, चांदी, पीतल और तांबे की मूर्तियां और पात्र सबसे शुभ हैं। इन धातुओं में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता रहता है। ज्योतिष शास्त्र में सोना और पीतल को गुरु ग्रह से जुड़ा है। ऐसे में जब हम पूजा में इन धातु के पात्रों का इस्तेमाल करते हैं तो हमें गुरु और प्रभु दोनों की कृपा प्राप्त होती है। जिसके घर-परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है। यह भी पढ़ें: शनि देव दिवाली पर खोलेंगे 4 राशियों के लिए सौभाग्य का पिटारा, जॉब में प्रमोशन के साथ होगा अकूत धन लाभ
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी उपाय को करने से पहले संबंधित विषय के एक्सपर्ट से सलाह अवश्य लें।


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