TrendingAyodhya Ram MandirDharmendra & Hema MaliniBigg Boss 19Gold Price

---विज्ञापन---

Karwa Chauth Special: 2 दिन बाद Karwa Chauth, जानें अपने शहर में चांद के निकलने का समय

Karwa Chauth 2023 Time: दो दिन बाद करवा चौथ है। हम यहां पर देश के बड़े शहरों में करवा चौथ के लिए चंद्रोदय का समय बताने जा रहे हैं, जिससे महिलाएं इस उत्सव को पूरे धार्मिक अनुष्ठान के साथ मना सकती हैं।

Karwa Chauth 2023 Time: उत्तर भारत में विवाहित हिन्दू महिलाएं अपने पति की लम्बी उम्र के लिए करवा चौथ मनाती हैं, इसके लिए वह दिनभर का व्रत रखती हैं। यह व्रत तब पूरा होता है जब रात को चंद्रमा दिखाई देता है। विवाहित जोड़े इस विशेष दिन को अपनी शादीशुदा जिंदगी के लिए अहम मानते हैं और सलामती के लिए प्रार्थना करते हैं। यह भी पढ़ें -छठ पूजा कब से शुरू है 17 या 18 नवंबर से? कंफ्यूजन करें दूर, जानिए खरना से लेकर पारण तक शुभ मुहूर्त

कब है करवा चौथ 2023 ?

द्रिक पंचांग के मुताबिक, इस वर्ष का करवा चौथ बुधवार, 1 नवंबर को है, जिसका समय 31 अक्टूबर की रात 9:30 बजे और समापन 1 नवंबर रात 9:19 बजे है। हिंदू माह कार्तिक में, कृष्ण पक्ष चतुर्थी के दौरान, लोग करवा चौथ का व्रत रखते हैं। हम यहां पर देश के बड़े शहरों में करवा चौथ के लिए चंद्रोदय का समय बताने जा रहे हैं, जिससे महिलाएं इस उत्सव को पूरे धार्मिक अनुष्ठान के साथ मना सकती हैं।

चंद्रोदय का समय

नई दिल्ली- रात 8:15 बजे नोएडा- रात 8:14 बजे गुड़गांव - रात 8:16 बजे अहमदाबाद - रात 8:50 बजे जयपुर- रात 8:26 बजे बेंगलुरु - रात 8:54 बजे मुंबई- रात 8:59 बजे पुणे - रात 8:56 बजे चंडीगढ़ - रात 8:10 बजे चेन्नई - रात 8:43 बजे हैदराबाद - रात 8:40 बजे कोलकाता- शाम 7:46 बजे

करवा चौथ 2023 का शुभ मुहूर्त कब ?

नई दिल्ली- शाम 5:36 बजे से शाम 6:54 बजे तक नोएडा - शाम 5:36 बजे से शाम 6:53 बजे तक कोलकाता- शाम 4:59 बजे से शाम 6:15 बजे तक बेंगलुरु - शाम 5:53 बजे से शाम 7:07 बजे तक मुंबई - शाम 6:05 बजे से शाम 7:21 बजे तक गुड़गांव- शाम 5:37 बजे से शाम 6:55 बजे तक चंडीगढ़ - शाम 5:35 से 6:54 बजे तक अहमदाबाद- शाम 6:02 बजे से शाम 7:18 बजे तक जयपुर- शाम 5:44 बजे से शाम 7:02 बजे तक

करवा चौथ का महत्त्व

बता दें कि इस दिन हिन्दू महिलाएं पूरे दिन का व्रत रखती हैं, सूर्योदय से पहले वह स्नान करती हैं, वे चंद्रमा को देखकर, उसे 'अर्घ्य' से भरा मिट्टी का बर्तन पेश करने और अपने पतियों के हाथों से भोजन का स्वाद लेने के बाद ही अपना व्रत पूरा करती हैं। इस दिन महिलाएं पारंपरिक रूप से कपड़े पहनती हैं और साथ ही लोक-परम्पराओं से जुड़े गीत गाकर, जीवनसाथी की लंबी उम्र और सलामती के लिए प्रार्थना करती हैं। डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी उपाय को करने से पहले संबंधित विषय के एक्सपर्ट से सलाह अवश्य लें।


Topics: