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16 साल तक चलती है गुरु की महादशा, जानें इसे दूर करने के 5 आसान उपाय

Guru Mahadasha Upay: वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, गुरु की महादशा 16 साल तक चलती है। गुरु-महादशा के दौरान व्यक्ति को कई प्रकार के कष्टों का सामना करना पड़ता है। यहां गुरु की महादशा को दूर करने के पांच आसान उपाय जानिए।

Guru Mahadasha Upay in Hindi: वैदिक ज्योतिष के मुताबिक, गुरु ग्रह देवताओं के गुरु है। जिसे ज्ञान, बुद्धि और भाग्य का कारक माना गया है। महर्षि अंगिका के पुत्र कहे जाने वाले गुरु ग्रह कुंडली के 9वें भाव का कारक है। जिसका संबंध उच्च शिक्षा और धार्मिकता से भी है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, गुरु की महादशा 16 साल तक चलती है। कुंडली में अगर गुरु ग्रह की स्थिति सही नहीं है तो जातक को कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में आइए जानते हैं गुरु की महादशा को दूर करने के 5 आसान उपाय।

गुरु महादशा के 5 उपाय

1. मंत्र- गुरु ग्रह की महादशा को दूर करने के लिए बृहस्पति का मंत्र- "ओम् ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः" इस मंत्र का रोज 108 बार जाप करना चाहिए। इस मंत्र का जाप करने से गुरु ग्रह की शुभता प्राप्त होती है। 2. गुरुवार का व्रत- गुरु ग्रह की शुभता के लिए गुरुवार का व्रत रखना चाहिए, क्योंकि यह दिन बृहस्पति देव से जुड़ा है। ऐसे में इस दिन व्रत रखना शुभ माना गया है। 3. भगवान विष्णु की पूजा- गुरु की महादशा को दूर करने के लिए गुरुवार को भगवान विष्णु की पूजा करनी चाहिए। साथ ही इस दिन विष्णु जी को गुड़ और चने का भोग लगाना चाहिए। पूजन के दौरान पीले रंग का वस्त्र पहनना शुभ माना गया है। 4. रत्न (पीला पुखराज)- पीला पुखराज गुरु की महादशा को दूर करने के लिए धारण किया जाता है। इस रत्न को धारण करने से गुरु मजबूत होता है। हलांकि किसी जानकार से सलाह लेकर ही पीला पुखराज धारण करना चाहिए। 5. केले पेड़ की पूजा- गुरुवार को केले के पेड़ की पूजा करनी चाहिए। मान्यतानुसार, इसमें बृहस्पति देव का वास है। ऐसे में गुरुवार को केले के पेड़ की पूजा के दौरान हल्दी, गुड़ और चना अर्पित करें।

गुरु-महादशा के नकारात्मक प्रभाव

गुरु ग्रह की महादशा के दौरान निर्णय लेने की क्षमता प्रभावित होती है। यानी जातक किसी कार्य को लेकर सही निर्णय नहीं कर पाता। गुरु महादशा की अवधि में व्यक्ति की कार्यक्षमता पर भी नकारात्मक असर पड़ता है। साथ ही जातक स्थिर होकर कोई काम नहीं कर पाता। यानी जातक में एकाग्रता की कमी हो जाती है। जब किसी जातक पर गुरु की महादशा चल रही होती है तो उसे आर्थिक परेशानियों से भी गुजरना पड़ता है। साथ ही साथ व्यक्ति के जीवन में धन की स्थिरता नहीं रहती है। यह भी पढ़ें: शुक्र का गोचर तीन राशियों के लिए बेहद शुभ, जानें क्या पड़ेगा प्रभाव डिस्क्लेमर:यहां दी गई जानकारी ज्योतिष पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है।News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी उपाय को करने से पहले संबंधित विषय के एक्सपर्ट से सलाह अवश्य लें।


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