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कौन हैं शबाना महमूद? जो बन सकती हैं ब्रिटेन की पहली मुस्लिम PM, जानिए- क्या है उनका कश्मीर कनेक्शन

जेफ्री एपस्टीन फाइल्स के खुलासे से ब्रिटेन की राजनीति में भूचाल आ गया है. नए दस्तावेजों के सामने आने के कारण प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर पर दबाव बढ़ गया है. इस बीच उनके चीफ ऑफ स्टाफ मॉर्गन मैकस्वीनी ने रविवार को इस्तीफा दे दिया. दरअसल, पीटर मैंडेलसन को अमेरिका में ब्रिटेन का राजदूत नियुक्त किया गया है और ऐसा जा रहा है कि मॉर्गन का इस्तीफा इसी मामले से जुड़ा हुआ है.

जेफ्री एपस्टीन फाइल्स के खुलासे से ब्रिटेन की राजनीति में भूचाल आ गया है. नए दस्तावेजों के सामने आने के कारण प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर पर दबाव बढ़ गया है. इस बीच उनके चीफ ऑफ स्टाफ मॉर्गन मैकस्वीनी ने रविवार को इस्तीफा दे दिया. दरअसल, पीटर मैंडेलसन को अमेरिका में ब्रिटेन का राजदूत नियुक्त किया गया है और ऐसा जा रहा है कि मॉर्गन का इस्तीफा इसी मामले से जुड़ा हुआ है. बता दें कि पीटर मैंडेलसन का नाम जेफ्री एपस्टीन मामले में सामने आया है. जिसके बाद ही ये विवाद बढ़ रहा है.

इस संकट के बीच, लेबर पार्टी में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें भी तेज हो गई हैं. कई रिपोर्ट्स और चर्चाओं में गृह मंत्री शबाना महमूद का नाम सामने आ रहा है. ऐसी चर्चाएं हो रही हैं कि अगर कीर स्टार्मर इस्तीफा देते हैं और या फिर पार्टी उन्हें हटाती है तो शबाना महमूद ब्रिटेन की पहली मुस्लिम प्रधानमंत्री बन सकती है. आइए जानते हैं कि आखिर कौन हैं शबाना महमूद जिनका नाम इस समय ब्रिटेन की राजनीति में छाया हुआ है.

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कौन हैं शबाना महमूद?

  • 45 वर्षीय शबाना महमूद लेबर पार्टी की एक मजबूत नेता है और पेशे से एक वकील हैं. बता दें कि शबाना महमूद कीर स्टार्मर की बेहद करीबी मानी जाती हैं और पार्टी में प्रभावशाली वक्ता के रूप में भी जानी जाती हैं. बता दें कि शबाना बर्मिंघम की लेडीवुड सीट से लेबर सांसद हैं.
  • शबाना महमूद की कहलानी यूनाइटेड किंगडम में कश्मीरी डायस्पोरा से गहराई से जुड़ी हुई है. उनका जन्म 17 सितंबर, 1980 को बर्मिंघम में ज़ुबैदा और महमूद अहमद के घर हुआ था, जहां उन्होंने अपने जुड़वा भाई के साथ बचपन बिताया. शबाना के परिवार की जड़ें पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के मीरपुर इलाके से जुड़ी हैं. बता दें कि शबाना महमूद पांच साल (1981-85) तक अपने परिवार के साथ सऊदी अरब में भी रहीं.
  • उन्होंने लिंकन कॉलेज, ऑक्सफोर्ड में कानून की पढ़ाई करने से पहले स्मॉल हीथ स्कूल और किंग एडवर्ड VI कैंप हिल स्कूल फॉर गर्ल्स में पढ़ाई की. उन्होंने 2002 में ग्रेजुएशन किया. इसके बाद उन्होंने 2003 में इन्स ऑफ़ कोर्ट स्कूल ऑफ़ लॉ से बार वोकेशनल कोर्स पूरा किया और बैरिस्टर बन गईं।
  • मिस महमूद ने 12 किंग्स बेंच वॉक और बेरीमैन्स लेस मावर में बैरिस्टर के तौर पर काम किया. 2010 में, उन्हें बर्मिंघम लेडीवुड से संसद सदस्य चुना गया, जिससे वह UK की पहली मुस्लिम महिला सांसदों में से एक बन गईं.
  • 2010 से 2015 तक, महमूद ने जेलों के शैडो मिनिस्टर, हायर एजुकेशन के शैडो मिनिस्टर और ट्रेजरी के शैडो फाइनेंशियल सेक्रेटरी के तौर पर काम किया. 2015 के चुनाव के बाद, उन्हें शैडो कैबिनेट में ट्रेजरी के शैडो चीफ सेक्रेटरी के पद पर प्रमोट किया गया और उन्होंने लेबर लीडर बनने के लिए यवेट कूपर के कैंपेन को लीड करने में मदद की.
  • जब 2015 में जेरेमी कॉर्बिन लेबर लीडर बने, तो शबाना महमूद ने अपने शैडो कैबिनेट की नौकरी छोड़ दी क्योंकि वह उनकी नीतियों से सहमत नहीं थीं और एक रेगुलर MP के तौर पर काम करने लगीं. इस दौरान, उन्हें लेबर की नेशनल एग्जीक्यूटिव कमेटी में MPs का प्रतिनिधित्व करने के लिए चुना गया और वह पार्टी के नेशनल पॉलिसी फोरम की वाइस चेयरपर्सन बनीं. उन्होंने 2016 में जेरेमी कॉर्बिन की जगह लेने की कोशिश में ओवेन स्मिथ का समर्थन किया और 2017 और 2019 में फिर से MP चुनी गईं.
  • मिस महमूद मई 2021 में नेशनल कैंपेन कोऑर्डिनेटर के तौर पर शैडो कैबिनेट में लौटीं और सितंबर 2023 में उन्हें शैडो सेक्रेटरी ऑफ स्टेट फॉर जस्टिस और शैडो लॉर्ड चांसलर नियुक्त किया गया. 2024 के आम चुनाव में लेबर पार्टी की जीत के बाद, वह सेक्रेटरी ऑफ स्टेट फॉर जस्टिस और लॉर्ड चांसलर बनीं.

इस्तीफे के बाद मॉर्गन मैकस्वीनी ने क्या कहा?

चीफ ऑफ स्टाफ मॉर्गन मैकस्वीनी ने कहा कि 2024 में उन्होंने ही पीटर मैंडेलसन को राजदूत बनाने की सलाह दी थी और वे पूरी जिम्मेदारी लेते हैं. बयान में कहा गया कि यह फैसला गलत था. इससे पार्टी, देश और राजनीति में जनता का भरोसा टूटा है. मैंने प्रधानमंत्री को यह सलाह दी थी और मैं उसकी जिम्मेदारी लेता हूं. इससे पहले पीएम स्टार्मर ने माफी मांगी थी और कहा था कि मैंडेलसन के एपस्टीन संबंधों की जानकारी नहीं थी. इन सब के बीच कई सांसद उनके इस्तीफे की मांग कर रहे थे.

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