Sabrina Siddiqui: अमेरिका में प्रधानमंत्री मोदी से सवाल करने वाली वॉल स्ट्रीट जर्नल की पत्रकार सबरीना सिद्दीकी के समर्थन में व्हाइट हाउस उतर आया है। दरअसल, सबरीना ने पीएम मोदी से पूछा था कि सरकार ने भारत में मुसलमानों और अन्य अल्पसंख्यकों के अधिकारों में सुधार के लिए क्या किया है? इसके बाद सबरीना आलोचकों के निशाने पर आ गईं। उनके खिलाफ सोशल मीडिया पर तमाम आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं। धमकाया भी गया। व्हाइट हाउस ने कहा कि पत्रकार का उत्पीड़न पूरी तरह से अस्वीकार्य और लोकतंत्र के सिद्धांतों के विपरीत है।
व्हाइट हाउस ने दी प्रतिक्रिया
सोमवार को एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान पत्रकार केली ओ’डोनेल ने कहा कि सबरीना को ऑनलाइन ट्रोल करना निंदनीय है। उन्होंने कहा किट्रोल करने वाले में कई राजेनता भी शामिल हैं। यह अस्वीकार्य है। राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद में रणनीतिक संचार के समन्वयक जॉन किर्बी ने कहा कि हम कहीं भी किसी भी परिस्थिति में पत्रकारों के उत्पीड़न की निंदा करते हैं। यह लोकतंत्र के सिद्धांतों के विपरीत है।
जानिए क्या दिया था पीएम मोदी ने जवाब?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अमेरिका के व्हाइट हाउस में पत्रकार ने सवाल किया कि भारत हमेशा से खुद को बड़ा लोकतंत्र कहता रहा है, लेकिन मानवाधिकार संगठन कहते हें कि आपकी सरकार ने धार्मिक रुप से अल्पसंख्यकों के साथ भेदभाव किया है।
इसके जवाब में पीएम मोदी ने कहा कि लोग कहते नहीं बल्कि भारत लोकतांत्रिक है। भारत और अमेरिका के डीएनए में लोकतंत्र है। लोकतंत्र हमारी रगो में है, लोकतंत्र हम जीते हैं। हमने सिद्ध किया है कि डेमोक्रेसी कैन डिलीवर। जब मैं डिलीवरी की बात कहता हूं तब जाति, पंथ, धर्म किसी भी तरह के भेदभाव की वहां पर जगह नहीं होती है। भारत सबका साथ, सबका विश्वास और सबका प्रयास, उन मूलभूत सिद्धांतों को लेकर चलता है। भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों में कोई भेदभाव नहीं है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका और मिस्र की यात्रा से रविवार रात भारत लौट आए।
सुप्रिया श्रीनेत ने साधा निशाना
कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने पत्रकार की ट्रोलिंग को लेकर भाजपा पर निशाना साधा है। सुप्रिया ने कहा कि सबरीना सिद्दीकी डब्ल्यूएसजे की एक पत्रकार हैं। उन पर राइट विंग इकोसिस्टम, भाजपा सदस्यों और इनकी फर्जी समाचार फैक्ट्री द्वारा लगातार हमला किया गया है। क्योंकि उन्होंने व्हाइट हाउस प्रेस मीट में प्रधान मंत्री मोदी से एक सवाल पूछा था।
विडंबना यह है कि उनके प्रश्न में भारत में प्रेस को कमजोर करना भी शामिल था। यहां अमेरिकी प्रशासन उसका बचाव कर रहा है। भाजपा और भक्त भारत को और कितना शर्मिंदा करेंगे।
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