Iran Nuclear Plants: अमेरिका ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला करने की धमकी दी हुई है। वहीं धमकी के चलते ईरान भी परमाणु ठिकानों को लेकर अलर्ट मोड में है। ईरान ने अपने परमाणु ठिकानों की मरम्मत शुरू कर दी है। उन्हें अमेरिका के हमले से बचाने के लिए मजबूत किला बनाया जा रहा है। सैटेलाइट तस्वीरों से ईरान की इस तैयारी का सबूत मिला है। इनमें देख सकते हैं कि अमेरिका की सैन्य कार्रवाई से परमाणु ठिकानों को बचाने की प्लानिंग ईरान कर चुका है।
परमाणु ठिकानों को मिट्टी और कंक्रीट की दीवारों से ढका
सैटेलाइट फोटो के अनुसार, ईरान ने अपने परमाणु ठिकानों के ऊपर कंक्रीट की ढाल बनाकर उसे मिट्टी से ढक दिया है। परमाणु ठिकानों की सुरंगों के एंट्री गेट को मिट्टी के अंदर दबा दिया है। तेहरान से लगभग 30 किलोमीटर (20 मील) दक्षिण-पूर्व में परचिन कैंपस ईरान का सबसे संवेदनशील सैन्य स्थल है। इजरायल ने अक्टूबर 2014 में इसी कैंपस पर हमला किया था। अब यहां एक अयाताकार इमारत नजर आ रही है, जो परमाणु ठिकाने के ऊपर बनाया गया मिट्टी का ढांचा है।
मिट्टी का ताबूत के अंदर दफन परमाणु ठिकाने बने बंकर
विज्ञान और अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा संस्थान (ISIS) के अनुसार, ईरान ने परमाणु ठिकानों की सुरंग को 36 मीटर लंबाई और 12 मीटर व्यास वाले कंक्रीट के ढांचे से कवर किया है और इस ढांचे को मिट्टी की दीवारों कवर किया है। पूरी साइट को कंक्रीट और मिट्टी का ताबूत बना दिया है। अब ईरान के परमाणु ठिकाने ऐसे बंकर में बदल गए हैं, जिन्हें पहचानना मुश्किल होगा कि कौन-सी इमारत बंकर है और कौन-सी इमारत परमाणु ठिकाना है। इससे परमाणु ठिकाने हवाई हमलों से बच सकते हैं।
इस्फहान परमाणु ठिकानों की सुरंगों में मिट्टी भरी गई
मिली जानकारी के अनुसार, इस्फहान परमाणु ठिकाने पर जून 2025 में अमेरिका ने हमला किया था। इस ठिकाने के अंदर ईरान के यूरेनियन का सबसे ज्यादा स्टॉक है। यह ठिकाना अंडरग्राउंड है और इस तक पहुंचने के लिए 3 सुरंग बनाई गई हैं। ईरान ने इन तीनों सुरंगों को मिट्टी से ढक दिया है। 10 फरवरी को ली गई तस्वीर में तीनों सुरंगें मिट्टी के नीचे दबी हुई दिखाई दे रही हैं। सुरंगों में मिट्टी भरी होने के कारण जमीनी स्तर पर ठिकाने के अंदर पहुंचना अमेरिकी सेना के लिए मुश्किल होगा।
नतान्ज की सुरंगें भी मिट्टी में दबाकर किला बनाई गईं
नतान्ज परमाणु ठिकाने की भी किलेबंद की गई है। नतान्ज से लगभग 2 किलोमीटर (1.2 मील) दूर पहाड़ के नीचे बनी सुरंग के अंदर ईरान के 2 यूरोनियम संवर्धन प्लांट हैं। इजरायली संगठन अल्मा रिसर्च एंड एजुकेशन सेंटर के अनुसार, साउथ ईरान के शिराज से लगभग 10 किलोमीटर (6 मील) दूर बना सैन्य अड्डा बेहद संवेदनशील है। यह अड्डा मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें दागने में सक्षम 25 प्रमुख ठिकानों में से एक है। इजरायल ने इस सैन्य ठिकाने पर हमला किया था।
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