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चोरों ने चुरा ल‍िए यूक्रेन के 332 करोड़ रुपये, रूस से जंग के ल‍िए खरीदना था गोला-बारूद

Ukraine Russia War: सिक्योरिटी सर्विस ऑफ यूक्रेन ने मामले की जांच शुरू की। जांच में यूक्रेन रक्षा मंत्रालय और सेना के कुछ अधिकारियों की इस पूरे मामले में मिलीभगत होना का पता चला।

Ukraine Russia War: यूक्रेन और रूस के बीच लगभग तीन साल से जंग चल रही है। इस युद्ध में दोनों देशों के जानमाल का बड़ा नुकसान हो रहा है। यहां यूक्रेन में अब युद्ध से हो रहे नुकसान के साथ चोरों ने भी देश के खजाने पर हाथ साफ किया है। चोरों ने देश के करीब 332 करोड़ रुपये (40 मिलियन डॉलर) हड़प लिए हैं। खास बात यह है कि इस रकम से युद्ध के लिए गोला-बारूद खरीदने थे। अब इस मामले की जांच चल रही है। जिसमें पांच लोगों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है और एक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

सिक्योरिटी सर्विस ऑफ यूक्रेन ने किया पूरे मामले का खुलासा

जानकाराी के अनुसार मामले की जांच हुई तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। चोर और कोई नहीं य्रूकेन सेना के अधिकारी ही निकले। सिक्योरिटी सर्विस ऑफ यूक्रेन (SBU) के अनुसार साल 2022 में देश के रक्षा मंत्रालय का एक कंपनी ने रूस के साथ चल रहे युद्ध के मद्देनजर एक करार हुआ। इस करार में छह महीने में एक लाख से ज्यादा मोर्टार गोले समेत भारी मात्रा में अन्य गोला-बारूद और सेना के लिए हथियार और सामान शामिल था। इसके लिए कंपनी के अकाउंट में कुल करीब 332 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए। लेकिन आज तक यह गोला-बारूद और अन्य हथियार नहीं आया। पता लगने पर बीते दिनों सिक्योरिटी सर्विस ऑफ यूक्रेन को यह मामला दिया गया। ये भी पढ़ें: एवरेस्ट के बेस कैंप तक पहुंचा 2 साल का बच्चा, दुनिया का सबसे कम उम्र का पर्वतारोही

रकम वापस लेने की कवायद चल रही है

सिक्योरिटी सर्विस ऑफ यूक्रेन ने मामले की जांच शुरू की। जांच में यूक्रेन रक्षा मंत्रालय और सेना के कुछ अधिकारियों की इस पूरे मामले में मिलिभगत का पता चला। इसके बाद इन लोगों से अलग-अलग पूछताछ की गई। लेकिन सभी ने पूछताछ में सहयोग नहीं किया। अभी तक के एकत्रित साक्ष्यों के आधार पर यूक्रेनी सेना और रक्षा मंत्रालय से जुड़े पांच लोगों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है, वहीं एक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। बताया जा रहा है कि अब जिस कंपनी के खाते में रक्षा मंत्रालय ने रकम डाली थी उससे वह वापस निकलवाने की कवायद चल रही है।


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