स्विट्जरलैंड के दावोस में चल रहे वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर सराहना की है. भारतीय मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए ट्रंप ने कहा कि मोदी एक बेहतरीन इंसान और उनके बहुत अच्छे मित्र हैं जिनके लिए उनके मन में काफी सम्मान है. ट्रंप ने साफ संकेत दिया कि भारत और अमेरिका के बीच रिश्तों की बर्फ पिघल रही है और दोनों देश जल्द ही एक बड़ी ट्रेड डील पर मुहर लगा सकते हैं. उन्होंने इस बातचीत के दौरान बहुत ही सकारात्मक अंदाज दिखाया जिससे अंतरराष्ट्रीय गलियारों में नई हलचल पैदा हो गई है.
दोस्ती के बीच व्यापारिक खींचतान की हकीकत
भले ही ट्रंप सार्वजनिक मंच पर दोस्ती की बात कर रहे हों लेकिन पर्दे के पीछे व्यापार को लेकर दोनों देशों में काफी विवाद चल रहा है. पिछले कुछ समय से टैक्स यानी टैरिफ, ऊर्जा नीति और खेती से जुड़े मुद्दों पर बातचीत रुकी हुई है क्योंकि अमेरिका ने भारतीय सामानों पर भारी टैक्स लगा रखा है. ट्रंप प्रशासन ने भारत पर दबाव बनाने के लिए कई कड़े आर्थिक कदम उठाए थे जिससे रिश्तों में थोड़ी कड़वाहट आ गई थी. हालांकि दावोस में ट्रंप के बदले हुए सुर से अब ऐसा लग रहा है कि वह विवादों को सुलझाकर बातचीत के जरिए बीच का रास्ता निकालने के मूड में हैं.
यह भी पढ़ें: ‘भारत पर नहीं चलेगा अमेरिका का दबाव’, कौन हैं पराग खन्ना? जिनके बयान से छिड़ी नई बहस
रूस से तेल और अमेरिकी दबाव का सच
हाल ही में ट्रंप ने दावा किया था कि भारत ने उनके दबाव में आकर रूस से तेल खरीदना कम कर दिया है जो उन्हें खुश करने के लिए उठाया गया कदम है. उन्होंने चेतावनी भी दी थी कि अगर भारत अमेरिकी नीतियों के हिसाब से नहीं चला तो वे आयात शुल्क को और ज्यादा बढ़ा सकते हैं. दूसरी तरफ भारत ने ट्रंप के इन दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए साफ कर दिया है कि उसने अमेरिका से ऐसा कोई वादा नहीं किया है. नई दिल्ली का स्टैंड बिल्कुल स्पष्ट है कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों और राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखकर ही फैसले लेगा और किसी भी बाहरी दबाव के आगे नहीं झुकेगा.
टैक्स विवाद और खेती के बाजार का बड़ा झगड़ा
मौजूदा समय में अमेरिका ने रूस से दोस्ती और ब्रिक्स ग्रुप में भारत की सक्रियता के चलते कई भारतीय उत्पादों पर करीब 50 फीसदी तक टैक्स लगा दिया है. विवाद की सबसे बड़ी जड़ खेती यानी एग्रीकल्चर सेक्टर है जहां अमेरिका चाहता है कि भारत अपना बाजार उनके उत्पादों के लिए पूरी तरह खोल दे. भारत अपने करोड़ों किसानों के हितों की रक्षा के लिए इस मुद्दे पर झुकने को तैयार नहीं है जिसकी वजह से डील फंसी हुई है. अब देखना होगा कि दावोस में ट्रंप द्वारा की गई मोदी की तारीफ क्या वाकई किसी ठोस समझौते में बदल पाती है या यह सिर्फ एक राजनीतिक बयानबाजी है.
संबंधित खबरें
'बहुत अच्छे विचार...', रूस-यूक्रेन जंग रुकवाने की कोशिशों पर पुतिन ने की PM मोदी की तारीफ
11 mins agoAaj Ki Taaza Khabar LIVE Updates: आज महात्मा गांधी की 157वीं जयंती, PM मोदी ने राजघाट जाकर दी श्रद्धांजलि
23 mins ago'कनेक्शन मिला तो बुरा होगा अंजाम', डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को धमकी, जानें फ्लाईदुबई फ्लाइट हादसे पर क्या बोले?
1 hr agoईरान पर फिर भीषण हमले की तैयारी, डोनाल्ड ट्रंप ने मिडिल ईस्ट में तैनात किए 9000 सैनिक और 3 एयरक्राफ्ट कैरियर
2 hrs ago'मुझे मार डालो', पकड़े जाने के बाद घुटनों के बल बैठकर क्यों चीखा ओमानी पायलट?
9 hrs agoफ्रांस में उग्र हुआ छात्रों का आंदोलन, Gen-Z का गुस्सा देख PM लेकोर्नू ने मंत्रियों संग की आपात बैठक
9 hrs ago9 महीने पहले भर्ती… इस्लामी कट्टरपंथ वाली विचारधारा, फ्लाईदुबई के ओमानी पायलट को लेकर चौंकाने वाला खुलासा
13 hrs agoसर और पैर पर गहरे जख्म के बावजूद पायलट स्मित मच्छार ने बचाई 174 लोगों की जान, फ्लाईदुबई के यात्री ने बताया आंखों देखा हाल
15 hrs ago'Flydubai घटना कहीं आतंकी साजिश तो नहीं', UAE का पहला बयान, भारत ने भी शुरू की जांच
16 hrs agoकैप्टन स्मित मच्छार कैसे बने पायलट? किया था टेक्सटाइल इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट कोर्स, एक सेमिनार ने बदली जिंदगी
17 hrs agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines