ईरान पर 28 फरवरी, 2026 से शुरू हुआ अमेरिका और इजरायल का हमला अब एक बड़े युद्ध का रूप ले चुका है. ईरान किसी भी कीमत पर झुकने का नाम नहीं ले रहा, वहीं अमेरिका और इजरायल भी तेहरान को साम-दाम, दंड-भेद हार मानने पर मजबूर कर रहे हैं. गुरुवार को अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने ऐलान किया कि ईरान को अब तक का सबसे बड़ा हवाई हमला झेलना पड़ेगा. खाड़ी युद्ध के तीसरे सप्ताह में प्रवेश करते हुए उन्होंने कहा कि ये जंग अमेरिका की शर्तों पर ही खत्म होगी.

ईरान में 7000 से अधिक टार्गेट भेद चुकी है अमेरिकी सेना

व्हाइट हाउस में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में हेगसेथ ने स्पष्ट किया कि अमेरिकी सेना अब तक ईरान में 7000 से अधिक टार्गेट भेद चुकी है और गुरुवार को यह आंकड़ा रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच जाएगा. उन्होंने ईरान की वायु रक्षा प्रणाली को 'बेकार' बताते हुए कहा कि खार्ग द्वीप पर सैन्य क्षमताओं पर हमलों से अमेरिका को देश के भविष्य पर नियंत्रण मिल गया है. हमारी क्षमताएं बढ़ रही हैं, जबकि ईरान की क्षमताएं लगातार कमजोर हो रही हैं.

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120 से अधिक ईरानी नौसैनिक जहाजों को किया तबाह

हेगसेथ ने बताया कि अमेरिका ने 120 से अधिक ईरानी नौसैनिक जहाजों को तबाह या डुबो दिया है साथ ही 11 पनडुब्बियां नष्ट हो चुकी हैं. ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमलों में 90 प्रतिशत की गिरावट आई है. हेगसेथ ने उन अमेरिकी सैनिकों के शवों का जिक्र किया, जो बुधवार को ईरान युद्ध में शहीद होकर घर लाए गए.

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राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ मौजूद रहने का जिक्र करते हुए उन्होंने शहीद परिवारों के आग्रह को दोहराया कि 'काम पूरा होने तक रुकना नहीं. हम उनके बलिदान का सम्मान करेंगे और मिशन समाप्त करेंगे.' हेगसेथ ने ईरानी सैन्य नेतृत्व को 'अस्थायी नौकरी' कहा, जहां कोई वरिष्ठ कमांडर लंबे समय तक टिक नहीं पाता. उन्होंने कहा कि हम सुरंगों, मिसाइलों और ड्रोनों पर टार्गेटेड और भारी हमले कर रहे हैं.