ईरान ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति अब पहले जैसी सामान्य नहीं रहेगी. ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने X (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा, "हॉर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति पूर्व-युद्ध स्तर पर वापस नहीं आएगी." गालिबाफ की यह टिप्पणी तब आई है जब अमेरिका और इजरायल के साथ ईरान का सैन्य टकराव चरम पर है. उन्होंने यह जताने की कोशिश की है कि इस क्षेत्र के सुरक्षा समीकरण अब हमेशा के लिए बदल गए हैं. दुनिया का करीब 20% कच्चा तेल और बड़ी मात्रा में प्राकृतिक गैस इसी संकरे जलमार्ग से गुजरता है, जिसके कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर गहरा असर पड़ रहा है.
ईरानी संसद के स्पीकर ने क्या कहा?
he Strait of Hormuz situation won't return to its pre-war status.— محمدباقر قالیباف | MB Ghalibaf (@mb_ghalibaf) March 17, 2026
---विज्ञापन---
ईरानी संसद के स्पीकर ने साफ कहा कि युद्ध के कारण हॉर्मुज में अब कोई "सुरक्षा" नहीं बची है. स्थिति पहले जैसी नहीं होगी, भले ही जंग खत्म हो जाए. गौरतलब है कि अमेरिका और इज़राइल की ओर से ईरान पर हमलों के जवाब में ईरान ने इस महत्वपूर्ण जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमले तेज कर दिए हैं. इससे टैंकर ट्रैफिक लगभग ठप हो गया है. उधर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि हॉर्मुज को जल्द ही सुरक्षित कर लिया जाएगा. उन्होंने कहा, "यह ज्यादा समय नहीं लगेगा. हम तट पर जोरदार हमले कर रहे हैं." लेकिन नाटो देशों ने इसमें मदद करने से इनकार कर दिया है.
---विज्ञापन---
क्यों अहम है हॉर्मुज की स्थिति?
विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर हॉर्मुज जलडमरूमध्य में आवाजाही बाधित होती है तो यह केवल एक क्षेत्रीय संकट नहीं बल्कि एक वैश्विक आर्थिक महामंदी का कारण बन सकता है. कच्चे तेल की कीमतों में अनियंत्रित बढ़ोतरी हो सकती है. बीमा दरों में वृद्धि के कारण समुद्री व्यापार महंगा हो जाएगा. ल की कीमतें आसमान छू रही हैं. भारत समेत एशियाई देशों की ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हो रही है. वैकल्पिक रास्तों की क्षमता सीमित होने से संकट गहरा रहा है.