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कांच की कब्र में जिंदगी बिताएगा ये खूंखार कातिल, 21 साल की उम्र में पहुंचा था जेल, 50 साल से कैद

World News: रॉबर्ट मॉडस्ले बाल यौन अपराधी को सीधे तौर पर टारगेट करता है। उसके करीबी रिश्तेदारों ने भी उसके कृत्यों को बिना जायज ठहराए कहा है कि उनसे जिन लोगों को मार वह वास्तव में बुरे लोग थे।

रॉबर्ट मॉडस्ले ने अपने ही साथी कैदियों की हत्या कर दी थी।
World News: अमेरिका की जेल में रहते हुए हैनिबल द कैनिबल नाम के अपराधी ने नया रिकॉर्ड बनाया है। इस अपराधी का असली नाम रॉबर्ट मॉडस्ले है और उसने हाल ही में जेल में अपने 50 साल पूरे किए हैं। रॉबर्ट मॉडस्ले के नाम अब जेल में लंबे समय तक रहने का रिकॉर्ड कायम हो गया है। 70 वर्ष के मॉडस्ले को 21 साल की उम्र में सजा हुई थी, उसके बाद से मॉडस्ले 45 साल से जेल में है, जोकि एक विश्व रिकॉर्ड है। ब्रिटिश अखबार मिरर की रिपोर्ट के मुताबिक रॉबर्ट मॉडस्ले की सजा ने खतरनाक मोड़ तब लिया, जब उसने 1978 में तीन साथी कैदियों की हत्या कर दी। उसके बाद से उसे जेल में भी अलग-थलग कर दिया गया। ये भी पढ़ेंः कोका-कोला का सीक्रेट चाहिए तो 12 करोड़ दो… सेक्रेटरी ने पेप्सी को दिया ऑफर; FBI ने चलाया अंडरकवर ऑपरेशन वेस्ट यॉर्कशर की जेल में रॉबर्ट के लिए एक विशेष कमरा बनाया गया, जिसमें बुलेटप्रूफ खिड़कियां और कंक्रीट से बना बिस्तर था, जिसे अक्सर कांच का पिंजरा कहा जाता था।

सीरियल किलर से अलग है स्वभाव

पूर्व जासूस पॉल हैरिसन सामूहिक हत्या के दोषियों से पूछताछ के लिए जाने जाते हैं। हैरिसन ने 2018 में मॉडस्ले का इंटरव्यू किया था। हैरिसन ने कहा था कि वह रोजमर्रा की चीजों के बारे में बात करता था। उसका व्यवहार सीरियल किलर के स्वभाव से अलग होता था। सीरियल किलर उग्र और आत्ममुग्ध होते हैं। रॉबर्ट मॉडस्ले का बचपन परेशानियों भरा था। वह बचपन में ही लिवरपूल से भागकर लंदन चला गया था। फिर वेश्यावृत्ति के धंधे में संलिप्त रहा। 1974 में एक बाल यौन अपराधी की हत्या के बाद उसका रास्ता बदल गया। रॉबर्ट ने 1977 में एक प्लास्टिक के एक चम्मच से ब्रॉडमूर में एक व्यक्ति की हत्या कर दी। इस केस में पीड़ित के कान में एक ब्लेड घुसी हुई थी। ये भी पढ़ेंः कैसा ये इश्क है! बहन के हत्यारे के भाई से लगा बैठी ‘दिल’, पढ़िए लव, मर्डर और मैरिज की कहानी इसके बाद अफवाह फैल गई कि मॉडस्ले ने पीड़ित के कान में जहर डाला था। इसी घटना की वजह से उसे हैनिबल द कैनिबल नाम मिला। 1991 में आई फिल्म द साइलेंस ऑफ द लैम्ब्स में सर एंथनी हॉपकिन्स द्वारा निभाया गया काल्पनिक किरदार भी रॉबर्ट मॉडस्ले से मिलता जुलता है।

साथी कैदियों को मौत के घाट उतारा

ब्रॉडमूर के मर्डर केस के बाद रॉबर्ट को वेकफील्ड में ट्रांसफर कर दिया, जहां 1978 में उसने दो और कैदियों की हत्या कर दी। रॉबर्ट के भतीजे गैविन मॉडस्ले ने उसके बचाव में कहा कि यदि आप उसे बलात्कारियों और बाल यौन शोषण करने वालों के साथ रखते हैं तो वह जितने भी लोगों को मार सकता है, मार डालेगा। गैविन ने कहा कि उसने जो किया मैं उसका बचाव नहीं कर रहा हूं। लेकिन जिन लोगों को मारा, वह वास्तव में बुरे इंसान थे। वेकफील्ड जेल के प्रवक्ता का कहना है कि कुछ अपराधियों को अलग रखा जाता है, क्योंकि वे दूसरों के खतरा होते हैं। उन्हें हर दिन खुली हवा में समय बिताने, मुलाकात करने, फोन कॉल करने और हर किसी की तरह कानूनी सलाह और मेडिकल सुविधा के लिए अनुमति दी जाती है।


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