US-Israel Iran Air Strikes: इजरायल के ईरान पर हमले बढ़ने से मिडिल ईस्ट में जंग और भीषण हो रही है। इजरायल ने ईरान के गैस प्लांट पर हमला किया तो ईरान ने अरब देशों के तेल-गैस प्लांट पर हमले किए। 28 फरवरी से जारी जंग से दुनियाभर में तेल और गैस का संकट गहरा गया है। वहीं अरब देशों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। हालातों को देखते हुए रूस ने भारत से मध्यस्थता करने और जंग को खत्म कराने की अपील की है।

बता दें कि अमेरिका और ईरान युद्ध को रोकने के लिए भारत से मध्यस्थता करने की अपील करते हुए रूस ने कहा कि भारत जैसा शक्तिशाली देश जंग को रुकवाने में अहम भूमिका निभा सकता है। अमेरिका और इजरायल ने बिना कारण ईरान पर हमले किए हैं। जंग को 3 सप्ताह हो चुके हैं, जिसका नुकसान पूरी दुनिया उठा रही है। मिडिल ईस्ट की जंग के कारण जो संकट पैदा हुआ है, उसका समाधान खोजने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय को आगे आना चाहिए।

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उन्होंने आगे कहा, '…जैसे कि भारत जैसी प्रभावशाली शक्ति निश्चित रूप से इसमें अपनी भूमिका निभाने में सक्षम है।' खास बात है कि भारत ने लगातार युद्ध को खत्म करने के लिए बातचीत का रास्ता अपनाने की बात कही है।

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ईरान को डेटा दे रहा है रूस?
रूस ईरान के साथ खुफिया और सैन्य सहयोग बढ़ा रहा है। उसे सैटेलाइट इमेजरी एवं उन्नत ड्रोन तकनीक उपलब्ध करा रहा है। एक अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, इस सहयोग का उद्देश्य ईरान को क्षेत्र में अमेरिकी बलों को निशाना बनाने में मदद करना है। हालांकि, इस खबर की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।

भारत पर असर
28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमलों और तेहरान की जवाबी कार्रवाई से पहले, भारत के आधे से अधिक कच्चे तेल का आयात, लगभग 30% गैस और 85-90% एलपीजी आयात सऊदी अरब और यूएई जैसे मध्य पूर्व के देशों से आता था। इस संघर्ष के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की नाकाबंदी हो गई है, जो खाड़ी देशों की ऊर्जा आपूर्ति का मुख्य मार्ग है। भारत ने रूस जैसे देशों से तेल मंगाकर कच्चे तेल की कमी की आंशिक भरपाई की है। भारत कच्चा तेल की जरूरतों का लगभग 88%, प्राकृतिक गैस का 50% और एलपीजी का 60% आयात करता है।

गैस की कीमतों में आई तेजी
अमेरिका- इजरायल से जंग में ईरान को लगातार झटके लग रहे। इजरायल के समाचार पत्र इजरायल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार इजरायली सेना ने बुधवार को ईरान में दुनिया की सबसे बड़ी गैस फिल्ड साउथ पार्स पर हमला किया। साउथ पार्स गैस फिल्ड पर हमले के बाद तेल और प्राकृतिक गैस की कीमतों में तेजी आ गई।

बुधवार को हमले के बाद कच्चे तेल की कीमत 6.3 फीसदी बढ़कर 109.95 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया। वहीं यूरोप में गैस की कीमतों में 9.3 फीसदी की तेजी देखी गई। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के अनुसार फिल्ड को निशाना बनाकर लगातार हमले हो रहे हैं। हालांकि ये हमला अमेरिका ने किया या इजरायल ने ये स्पष्ट नहीं हुआ है। हालांकि अमेरिका दक्षिणी ईरान से लगातार हमले कर रहा। इससे पहले उसने तेल भंडार वाले खार्ग द्वीप को निशाना बनाया था।