वेनेजुएला पर अमेरिका ने जिस तरह से हमला किया, उसकी चर्चा पूरी दुनिया कर रही है. ट्रंप की सेना ने जिस तरह से राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को बेडरूम से घसीटकर गिरफ्तार किया, उसपर भी वैश्विक स्तर पर टिप्पणियां हो रही हैं. इसी कड़ी में पोप लियो ने भी बड़ा बयान दिया है. उन्होंने इस पूरे मामले पर चिंता जाहिर करते हुए कहा है कि युद्ध को बढ़ावा देने की सोच में इजाफा हो रहा है.
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पोप लियो ने क्या कहा?
अमेरिकी मूल के पहले पोप लियो ने अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए सेना के इस्तेमाल किए जाने को लेकर राष्ट्रपति ट्रंप की कड़ी निंदा की है. उन्होंने वेटिकन सिटी में 184 राजदूतों के सामने अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि बातचीत को बढ़ावा देने वाली कूटनीति की बजाय ऐसी कूटनीति को बढ़ावा दिया जा रहा है, जो ताकत पर टिकी है. पोप लियो ने चिंता जाहिर करते हुए कहा कि फिर ये युद्ध का चलन बढ़ रहा है.
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ट्रंप का नाम लिए बिना ही साधा निशाना
पोप लियो के भाषण के वक्त वेनेजुएला और अमेरिका के राजदूत भी मौजूद थे. इस दौरान उन्होंने सभी देशों की सरकारों से अपील की है कि वो वेनेजुएला के लोगों की इच्छा का सम्मान करें. उन्होंने कहा कि वेनेजुएला की जनता के मानवाधिकारों की रक्षा करना सभी देशों के लिए जरूरी है. पोप लियो ने राष्ट्रपति ट्रंप का नाम लिए बिना ही उनकी नीतियों की कड़ी निंदा की. 43 मिनट के अपने भाषण में उन्होंने दुनिया में जारी कई अहम लड़ाईयों का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि पश्चिमी देशों में लोगों के पास अपनी बात रखने तक की आजादी कम होती जा रही है. पोप लियो ने यूरोप और अमेरिका में ईसाईयों के साथ हो रहे भेदभाव का भी मुद्दा उठाया. साथ ही उन्होंने गर्भपात, इच्छामृत्यु जैसी कई बातों की निंदा की.
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