ईरान और अमेरिका-इजरायल जंग के बीच ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर अहम बातचीत में बड़ी अपील की. जंग शुरू होने के बाद दोनों नेताओं के बीच दूसरी फोन वार्ता थी. पेजेश्कियन ने भारत से कहा कि BRICS के मौजूदा अध्यक्ष के रूप में आप अपनी स्वतंत्र भूमिका का इस्तेमाल करें. उन्होंने कहा, "आप BRICS के बॉस हैं", और ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजरायल की आक्रामकता को रोकने में सक्रिय कदम उठाएं. BRICS को क्षेत्रीय और वैश्विक शांति की रक्षा में योगदान देना चाहिए. प्रधानमंत्री मोदी ने ईरानी राष्ट्रपति ईद और नवरोज की शुभकामनाएं दीं. जानें, दोनों नेताओं ने क्या कहा?
ईरान ने युद्ध की शुरुआत नहीं की
पेजेश्कियान ने साफ कहा कि ईरान ने युद्ध की शुरुआत नहीं की, बल्कि अमेरिका और इजरायल ने बिना किसी वैध कारण के सैन्य हमले शुरू किए. उन्होंने दावा किया कि इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई, कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारी और निर्दोष नागरिक मारे गए. एक उदाहरण देते हुए कहा कि अमेरिका ने पड़ोसी देशों के ठिकानों से मिनाब शहर के एक गर्ल्स स्कूल पर हमला किया, जिसमें 168 मासूम बच्चियों की मौत हुई.
---विज्ञापन---
अमेरिका के दावे को किया खारिज
ईरानी राष्ट्रपति ने अमेरिका के उस दावे को सिरे से खारिज किया कि अमेरिका ने ईरान को परमाणु हथियार रोकने के लिए हमला किया. उन्होंने जोर देकर कहा कि दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने परमाणु हथियारों का कड़ा विरोध किया था और इसे धार्मिक व प्रशासनिक रूप से प्रतिबंधित किया था. ईरान शांतिपूर्ण परमाणु गतिविधियों के लिए संयुक्त राष्ट्र सहित सभी मंचों पर बातचीत के लिए तैयार है.
---विज्ञापन---
पीएम मोदी ने क्या कहा?
पीएम मोदी ने क्षेत्र में महत्वपूर्ण ऊर्जा और बुनियादी ढांचे पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की. कहा कि ऐसे हमले वैश्विक खाद्य-ऊर्जा सुरक्षा और आपूर्ति श्रृंखला के लिए गंभीर खतरा हैं. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और फारस की खाड़ी में जहाजों के निर्बाध आवागमन और नौवहन की स्वतंत्रता पर जोर दिया, क्योंकि यह भारत सहित दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति का महत्वपूर्ण मार्ग है. मोदी का स्पष्ट संदेश था कि जंग किसी के हित में नहीं है, सभी पक्षों को कूटनीति और संवाद से शांति के रास्ते पर लौटना चाहिए. उन्होंने ईरान में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए ईरानी पक्ष के सहयोग की सराहना की.