इस्लामाबाद से बड़ी खबर सामने आई है जहां पाकिस्तान ने अपने सबसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अवसरों में से एक 23 मार्च को मनाए जाने वाले गणतंत्र दिवस (पाकिस्तान डे) की भव्य सैन्य परेड और जुड़े सभी समारोहों को पूरी तरह रद्द कर दिया है. गौरतलब है कि 1956 में 23 मार्च को ही पाकिस्तान का पहला संविधान लागू हुआ था.
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के कार्यालय ने आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि यह फैसला देश में गहराते ऊर्जा संकट और खाड़ी क्षेत्र से तेल आपूर्ति में आई भारी रुकावट के कारण लिया गया है. राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने भी प्रधानमंत्री की सलाह पर इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है.
राष्ट्रपति कार्यालय के आधिकारिक X हैंडल पर पोस्ट में साफ कहा गया है कि 23 मार्च 2026 को होने वाली पाकिस्तान दिवस परेड और संबंधित कार्यक्रम रद्द हैं, जबकि अलंकरण समारोह को अब 28 अप्रैल के लिए टाल दिया गया है.

पाकिस्तान कब और क्यों मनाता है गणतंत्र दिवस?

पाकिस्तान हर साल 23 मार्च को गणतंत्र दिवस के रूप में बड़े उत्साह से मनाता है. यह दिन 1940 के ऐतिहासिक लाहौर प्रस्ताव की याद में मनाया जाता है, जिसमें मुसलमानों के लिए अलग देश की मांग रखी गई थी. इसके अलावा 1956 में 23 मार्च को ही पहला संविधान लागू कर पाकिस्तान को इस्लामिक गणराज्य घोषित किया गया था. इस दिन इस्लामाबाद में भव्य सैन्य परेड, झांकियां, सैन्य प्रदर्शन और राष्ट्रीय गौरव के कार्यक्रम आयोजित होते हैं. लेकिन इस बार ऊर्जा संकट के कारण पहली बार इतना बड़ा बदलाव देखने को मिला है.

---विज्ञापन---

देश में ब्लैकआउट जैसे हालात

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में रुकावटों के कारण पाकिस्तान को तेल और ईंधन की आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है. इससे ईंधन के दाम आसमान छू रहे हैं और देश में ब्लैकआउट जैसे हालात बन गए हैं. सरकार पहले ही कई कड़े कदम उठा चुकी है. सरकारी कार्यालयों में वर्क फ्रॉम होम को बढ़ावा दिया जा रहा है. स्कूल-कॉलेज अस्थायी रूप से बंद किए गए हैं. सरकारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगी है. नेताओं-अधिकारियों के विदेश दौरे रद्द किए गए हैं.

---विज्ञापन---