पाकिस्तानी पूर्व उच्चायुक्त अब्दुल बासित ने पहलगाम आतंकी हमले को लेकर पाकिस्तान को चेतावनी दी है कि भारत उसके खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू कर सकता है। द एक्सप्रेस ट्रिब्यून से बात करते हुए हाल ही में भारत की ओर से पाकिस्तान के खिलाफ लिए गए फैसलों पर भी बासित ने प्रतिक्रिया दी है। बता दें कि अब्दुल बासित भारत में 2014 से 2017 के बीच पूर्व उच्चायुक्त रहे हैं। वे जर्मनी में भी पाकिस्तान के पूर्व राजदूत 2012 से 2014 के बीच रह चुके हैं। अब्दुल बासित ने चेतावनी दी है कि पहलगाम में हाल ही में हुए हमले के कुछ दिनों बाद ही भारत पाकिस्तान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई कर सकता है।
सर्जिकल स्ट्राइक का जिक्र
बासित ने 2016 के उरी और 2019 के पुलवामा हमलों के बाद भारत की पिछली कार्रवाइयों का जिक्र भी किया। उन्होंने कहा कि बिहार में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया भाषण के लहजे से सीमा पार संभावित हमले या अन्य ठोस उपायों का संकेत मिलता है। नियंत्रण रेखा के पार हमारी तरफ भारत बड़ा हमला कर सकता है। हमले के बाद बड़े-बड़े दावे मोदी करेंगे कि उन्होंने लॉन्च पैड और आतंकी शिविरों को नष्ट कर दिया है।
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भारत आने वाले एक सप्ताह या एक पखवाड़े में कुछ न कुछ जरूर करने वाला है। बासित का मानना है कि पाकिस्तान के लिए फिलहाल कोई कूटनीतिक समस्या नहीं है। सिंधु जल संधि को रद्द करने के मामले में उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया दी। बासित ने कहा कि जल संधि को न रद्द किया जा सकता है, न निलंबित। हालांकि बलूचिस्तान और देश के कुछ अन्य हिस्सों में पाकिस्तान को आतंकवादी हमलों का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने सुझाव दिया कि पाकिस्तान को आगे कानून और व्यवस्था की अस्थिरता के लिए तैयार रहना चाहिए। सिंधु जल संधि को निलंबित करने की भारत की घोषणा को पूर्व उच्चायुक्त ने ‘प्रतीकात्मक’ बताया।
पाकिस्तान को चिंता की जरूरत नहीं
बासित ने कहा कि भारत के पास पश्चिमी नदियों को मोड़ने के लिए मौजूदा बुनियादी ढांचा नहीं है। इस स्तर पर भारत पानी के प्रवाह को नहीं रोक सकता है। सिंधु जल संधि को एकतरफा संशोधित नहीं किया जा सकता है। यह एक स्थायी संधि है, जब तक दोनों पक्ष सहमत न हों, कुछ नहीं हो सकता। उन्होंने पाकिस्तान से संधि को लेकर गारंटर के तौर पर विश्व बैंक से जुड़ने, मजबूत कूटनीतिक और कानूनी प्रतिक्रिया तैयार करने का आग्रह भी किया। पूर्व राजनयिक ने कहा कि भारत अपने अंतरराष्ट्रीय दायित्वों का पालन नहीं कर रहा है। भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, जो संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की सीट के लिए प्रयास कर रहा है। तनाव बढ़ने के बावजूद पाकिस्तान को जल संधि की चिंता नहीं करनी चाहिए।
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