Explosion in Tehran: अमेरिका के साथ युद्ध की आहट के बीच तेहरान में जोरदार धमाके हुए हैं, जिनके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। वहीं धमाकों की आवाज सुनकर और आसमान में काले धुएं का गुबार देखकर लोगों में भी दहशत फैल गई है। रमजान के महीने में युद्ध छिड़ने की आशंका के बीच तेहरान के शाहरियार इलाके में विस्फोट हुआ।

IRGC के ठिकाने पर हमले की संभावना

ईरान की मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु वार्ता फेल होने के चलते अमेरिकी सेना छोटे-छोटे हमले करके बड़े हमलों की चेतावनी दे रही है। अमेरिकी सेना ने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) के गोला-बारूद और सैन्य ईंधन के भंडारों को निशाना बनाया होगा, जिसमे जोरदार धमाका हुआ और आसमान धुएं से भर गया।

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विस्फोट होने का कारण स्पष्ट नहीं हुआ

वायरल वीडियो में जोरदार धमाके की आवाज सुन सकते हैं और आसमान में घना काला धुआं उठते हुए देख सकते हैं। नुकसान का आकलन नहीं हो पाया है और विस्फोट का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है, लेकिन एक अन्य घटनाक्रम में शिराज प्रांत में भी विस्फोट की आवाज सुनी गई, लेकिन इस धमाके के बारे में अभी कोई अधिकारी बात करने को तैयार नहीं।

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अमेरिका ने हमले की तैयारी पूरी की

बता दें कि अमेरिका ने ईरान पर दबाव बढ़ा दिया है। अरब सागर में ईरान के दरवाजे पर अमेरिका के 2 युद्धपोत USS अब्राहम लिंकन और USS गेराल्ड आर. फोर्ड तैनात हैं, जिन्हें फारस की खाड़ी और अरब सागर में तैनात 10 से ज्यादा युद्धपोत हमला करने में मदद करेंगे। F-22, F-35 और F-16 सहित 50 से अधिक लड़ाकू विमानों को भी इनके साथ तैनात किया गया है।

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2015 से दोनों देशों में तनाव जारी है

THAAD और पैट्रियट मिसाइल बैटरी जैसे एयर डिफेंस सिस्टम तैनात है। जनवरी से अब तक 250 से अधिक C-17 विमानों ने गोला-बारूद पहुंचाया है। बता दें कि अमेरिका और ईरान के बची मौजूदा तनाव की जड़ें 2015 में JCPOA के टूटने से जुड़ी हैं। इस समझौते के तहत ईरान ने यूरेनियम संवर्धन को 3.67 प्रतिशत तक सीमित कर दिया था और अपने भंडार को घटाकर 300 किलोग्राम कर दिया था। यह समझौता 2018 में तब टूट गया, जब ट्रंप ने अमेरिका को इससे अलग कर लिया।

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