Trump Munir Lunch Inside Story: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तानी सेना के फील्ड मार्शन सैयद असीम मुनीर के साथ मुलाकात की। दोनों ने एक साथ लंच किया और इस दौरान ट्रंप-मुनीर के बीच ईरान और इजरायल के ताजा हालातों पर चर्चा हुई। पिछले महीने भारत और पाकिस्तान में छिड़े विवाद पर भी पर बातचीत हुई। मुलाकात के बाद ट्रंप ने मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि उन्होंने जनरल मुनीर को अमेरिका इसलिए बुलाया, क्योंकि वह उनका धन्यवाद करना चाहते थे, क्योंकि उन्होंने भारत से युद्ध नहीं करने का फैसला लिया। प्रधानमंत्री मोदी कुछ समय पहले ही अमेरिका की यात्रा पर आए थे और अब अमेरिका भारत और पाकिस्तान के साथ व्यापार समझौते पर काम कर रहे हैं। दो समझदार लोगों ने युद्ध जारी न रखने का फैसला किया। भारत और पाकिस्तान दोनों देश बड़ी परमाणु शक्तियां हैं और परमाणु शक्ति के साथ युद्ध नहीं करने का फैसला लेकर उन्होंने बहुत समझदारी दिखाई है।
क्या कहते हैं सिंधी फाउंडेशन के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर?
पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अमेरिका बुलाए जाने पर सिंधी फाउंडेशन के कार्यकारी निदेशक सूफी लघारी कहते हैं कि ट्रंप भ्रमित हो गए हैं। वे राजनेता नहीं व्यवसायी हैं। उनकी नजर पाकिस्तान के संसाधनों पर है। क्योंकि मुफ्त में कुछ भी नहीं मिलता, इसलिए उन्होंने डील करने के लिए असीम मुनीर को अमेरिका बुलाया। असीम मुनीर की दिलचस्पी भारत से युद्ध करने के लिए पैसा कमाने में है, जो अमेरिका दे सकता है, लेकिन पैसा फ्री में नहीं मिलेगा। सिंध के लोग इंसाफ और आजादी के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
1960 के दशक में जनरल अयूब खान को जॉर्ज वॉशिंगटन ने अपने घर बुलाया था। जनरल जिया उल हक और जनरल मुशर्रफ भी वहां गए थे। जब अमेरिका की पीठ में छुरा घोंपा जाएगा, तब उसे अहसास होगा कि पाकिस्तान उसका सच्चा दोस्त नहीं है। पाकिस्तान पर कभी भरोसा नहीं किया जाना चाहिए। सिंधी पाकिस्तान से पिछले 76 साल से पीड़ित हैं। अब सिंधु में पानी नहीं है, नदी सूख रही है और वे इन हालातों का दोष भारत पर मढ़ रहे हैं। पंजाब हमारा पानी रोक रहा है, वे नहरें और बांध बना रहे हैं। भारत की कार्रवाई के पाकिस्तान खुद जिम्मेदार है।
इजरायल-ईरान युद्ध के बीच हुई मुलाकात?
बता दें कि पिछले 7 दिन से इजरायल और ईरान के बीच जंग छिड़ी हुई है। अमेरिका इस जंग में तीसरा पक्ष है, लेकिन अभी सीधे तौर पर वह जंग में शामिल नहीं हुआ है, लेकिन अमेरिका ईरान पर हमला करने के लिए तैयार है। इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने पाकिस्तान के जनरल असीम मुनीर को अमेरिका बुलाया। उनके साथ लंच किया और कई मुद्दों पर बातचीत की। इस मुलाकात को लेकर सियासी गलियारों में चर्चा छिड़ी हुई है और राजनीति के दिग्गज इस मुलाकात के अलग-अलग मतलब निकाल रहे हैं, जबकि ट्रंप इस मुलाकात को पाकिस्तान और जनरल का भारत के साथ युद्ध नहीं करने के लिए आभार जताने का एक तरीका बता रहे हैं।