ईरान में जनता का आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा. 28 दिसंबर को शुरू हुआ ये विरोध प्रदर्शन अब एक विकराल रूप ले चुका है. मौलाना प्रशासन की तमाम कोशिशों के बाद ईरान के नागरिक विरोध कर रहे हैं. शुक्रवार रात को प्रदर्शनकारियों ने अल-रसूल मस्जिद को आग के हवाले कर दिया. ईरान में मौलाना प्रशासन के खिलाफ शुरू हुआ प्रदर्शन अब तक 21 प्रांतों के 50 से ज्यादा शहरों में फैल चुका है. हालात पर काबू पाने के लिए सरकार ने इंटरनेट सेवाओं पर बैन लगा दिया है.
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ईरानी डॉक्टर का बड़ा दावा
मीडिया इंटरव्यू के दौरान एक ईरानी डॉक्टर ने बड़ा दावा किया है. उन्होंने कहा कि राजधानी तेहरान के सिर्फ 6 अस्पतालों में करीब 217 प्रदर्शनकारियों की मौत हो चुकी है, जिनमें ज्यादातर गोली लगने की वजह से मारे गए हैं. शुक्रवार रात को तेहरान, इस्फहान और मशहद समेत कई शहरों में बवाल जारी रहा. विरोध जता रहे लोगों की भीड़ ने बैंक, पुलिस स्टेशन और सरकारी इमारतों पर हमला किया. सुरक्षा बल लोगों के खिलाफ सख्त एक्शन ले रहे हैं. आपको बता दें कि ईरान में पिछले 13 से जारी ये प्रदर्शन देश की बिगड़ती अर्थव्यवस्था और खामेनेई शासन के खिलाफ हो रहा है.
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तेहरान में मस्जिद को बनाया निशाना
ईरान की राजधानी तेहरान में प्रदर्शनकारियों ने मस्जिद पर हमला किया. शुक्रवार रात प्रदर्शनकारियों ने अल-रसूल पर हमला कर उसे आग के हवाले कर दिया. ये तेहरान की सबसे बड़ी मस्जिदों में से एक है, जिसे खामेनेई की सत्ता का प्रतीक माना जाता है. मौलाना शासन के खिलाफ लोगों ने नारे लगाते हुए ड्रम बजाए और जश्न मनाया. ईरान सरकार ने एतिहयातन इंटरनेट और फोन सेवाओं को बंद कर दिया है. सरकार ने इंटरनेट ब्लैकआउट को नेशनल सिक्योरिटी का हवाला देकर जायज ठहराया है. लेकिन इसके बावजूद भी प्रदर्शन जारी है.
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