हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: CycloneTiger ShroffGyanesh KumarBigg Boss 20

एयर स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान पर ईरान का एक और Attack, कंगाल देश से मांगे 1.50 लाख करोड़ रुपये

Iran-Pakistan Tension: ईरान-पाकिस्तान में तेजी से बढ़ रहे तनाव के बीच तेहरान अब पेनाल्टी स्ट्राइक करने की तैयारी में है. हाल ही में दोनों देशों के बीच आतंकी गुटों पर निशाना साधने के चलते हाई टेंशन देखने को मिली थी और 9 लोग मारे गये थे.

विज्ञापन
Iran pakistan tesnion

Iran-Pakistan Tension: पाकिस्तान और ईरान के बीच हुई एयर स्ट्राइक के बाद दोनों के बीच उपजा तनाव खत्म होता नजर नहीं आ रहा है। 16 जनवरी को ईरान ने पाकिस्तान के बलूचिस्तान में आतंकी गुटों को निशाना बनाते हुए एयरस्ट्राइक की थी, जवाब में 17 जनवरी को पाकिस्तान ने भी ईरान के सिस्तन-बलूचिस्तान इलाके पर मिसाइलें दागी। दोनों देशों के बीच हुई एयर स्ट्राइक की इस अदला-बदली में 9 लोगों की मौत हो गई जिसके बाद ईरान-पाकिस्तान के मंत्री 19 जनवरी को शांति स्थापित करने की अपील करते हुए सहमति बना ली।

हालांकि ऐसा लग रहा है कि ईरान शांत होने के मूड में नहीं है और इस बार एयर स्ट्राइक के बजाय पेनाल्टी स्ट्राइक करने की तैयारी कर रहा है। सरकारी अधिकारियों के हवाले से छपी एक रिपोर्ट के अनुसार ईरान अंतर्राष्ट्रीय मध्यस्थता कोर्ट में पाकिस्तान के खिलाफ जाने की तैयारी कर रहा है। दरअसल ईरान और पाकिस्तान के बीच गैस पाइपलाइन प्रोजेक्ट प्रस्तावित है लेकिन इसके पूरा होने में लगातार हो रही देरी को देखते हुए ईरान ये कदम उठा सकता है। ईरान ने पहले ही 180 दिन की डेडलाइन बढ़ा दी है और अब इस प्रोजेक्ट को पूरा करने का समय सितंबर 2024 तक है। अगर ये प्रोजेक्ट समय पर पूरा नहीं होता तो ईरान 18 ब‍िल‍ियन डॉलर के जुर्माने की मांग करेगा।

जुर्माने से बचने का भी दिया है ऑफर

अधिकारियों के अनुसार ईरान ने पाकिस्तान को अपनी कानूनी और तकनीकी टीम भेजने का भी ऑफर दिया है ताकि इस मुद्दे पर एक ऐसी रणनीति बनाई जा सके जिससे दोनों देशों को बिना इंटरनेशनल आर्बिटरेशन कोर्ट गए फायदा मिल सके। इससे पहले ईरान की टेक्निकल और लीगल एक्सपर्टस की टीम 21 जनवरी को पाकिस्तान पहुंचने वाली थी लेकिन दोनों देशों के बीच चल रहे हालिया तनाव को देखते हुए नहीं जा सकी। अब यह टीम फरवरी के दूसरे हफ्ते में पाकिस्तान पहुंच सकती है जहां दोनों पक्ष प्रोजेक्ट को समय रहते पूरा करने की संभावित रणनीति पर काम करेंगे।

जानें ईरान ने पाकिस्तान को कब-कब भेजा नोटिस

गौरतलब है कि साल 2014 के बाद से ये प्रोजेक्ट लगातार देरी का सामना करना रहा है और पाकिस्तान को इस मामले में 25 दिन पहले ही आखिरी नोटिस मिला था। ईरान ने पाकिस्तान को नवंबर-दिसंबर 2022 में भेजे गए अपने दूसरे नोटिस में कहा था कि वो अपनी सीमा में ईरान-पाकिस्तान गैसलाइन के कुछ हिस्से का निर्माण फरवरी-मार्च 2024 तक पूरा कर ले वरना 18 बिलियन डॉलर (5,04,160 करोड़ पाकिस्तानी रुपये, करीब 1.50 लाख करोड़ भारतीय रुपये) का जुर्माना भरने को तैयार रहे। इससे पहले तेहरान ने फरवरी 2019 में इस्लामाबाद को गैस लाइन प्रोजेक्ट पूरा न करने के चलते अंतर्राष्ट्रीय मध्यस्थता कोर्ट में घसीटने का नोटिस भेजा था।

ये भी पढ़ें: चोरों ने चुरा ल‍िए यूक्रेन के 332 करोड़ रुपये

आखिर क्यों टाइम पर प्रोजेक्ट पूरा नहीं कर रहा पाकिस्तान

ईरान ने गैस सेल्स परचेज एग्रीमेंट (GSPA) के तहत पेनाल्टी क्लॉज को लागू करने की धमकी दी थी जो कि 2009 में साइन की गई थी। इसके तहत अगर प्रोजेक्ट 25 साल में पूरा नहीं हो पाता है तो जीएसपीए के तहत कार्रवाई की जा सकती है। वहीं पाकिस्तान लगातार प्रोजेक्ट को न पूरा कर पाने का ठीकरा अमेरिका की ओर से ईरान पर लगाए गए प्रतिबंधों पर फोड़ता रहा है। इसको लेकर तेहरान ने साफ किया है कि अमेरिकी प्रतिबंध जायज नहीं हैं और हम उसे नहीं मानते हैं। भारत के अलावा इराक-तुर्की भी अमेरिकी प्रतिबंधों में राहत मिलने के बाद से ही ईरान से गैस और पेट्रोलियम पदार्थ खरीद रहे हैं।

जानें क्यों मुश्किल में है पाकिस्तान

दूसरी ओर जब पाकिस्तान ने अमेरिकी अधिकारियों से रियायत के लिए अपील की तो उसे वाशिंगटन की ओर से कोई जवाब नहीं मिला है। आपको बता दें कि जीएसपीए (गैस सेल्स परचेज एग्रीमेंट) पर फ्रांसीसी कानून के तहत हस्ताक्षर किए गए थे और पेरिस स्थित मध्यस्थता कोर्ट दोनों देशों के बीच पैदा होने वाले विवादों को सुलझाने का मंच तय हुआ था। ध्यान देने वाली बात है कि फ्रांसीसी मध्यस्थता कोर्ट अमेरिकी प्रतिबंधों को कोई मान्यता नहीं देती है।

संबंधित खबरें

Tags:

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Amit Kumar

जर्नल‍िज्‍म में 18 साल से ज्‍यादा का अनुभव। दैन‍िक ह‍िंदुस्‍तान, दैन‍िक जागरण, अमर उजाला, दैन‍िक भास्‍कर, जनसत्ता, नई दुन‍िया जैसे देश के प्रत‍िष्‍ठ‍ित अखबारों से होते हुए कारवां 2019 में अमर उजाला के ड‍िज‍िटल के प्‍लेटफॉर्म पर पहुंचा। टीवी9 में देश-व‍िदेश की खबरों के साथ होम पेज की ज‍िम्‍मेदारी न‍िभाते हुए फ‍िलहाल न्‍यूज24 के साथ जुड़ा हुआ हूं। द‍िल्‍ली यून‍िवर्स‍िटी से ह‍िंदी में एम.ए. करने के बाद माखन लाल चतुर्वेदी यून‍िवर्स‍िटी से पत्रकार‍िता में पीजी ड‍िप्‍लोमा हास‍िल क‍िया। लंबे समय तक खेल जगत में पत्रकार‍िता करने के साथ देश-व‍िदेश की खबरों में खासी रुच‍ि।
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें