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ईरान के कैप्सूल से दुनिया में क्यों मचा हड़कंप, अमेरिका सबसे पहले अंतरिक्ष में भेजा था हैम को

Iran launce animals capsule : ईरान ने दो दिन पहले सलमान नाम के एक रॉकेट के जरिये कुछ जानवरों को अंतरिक्ष रवाना किया था।

एक तरफ दुनिया में इजरायल-हमास और रूस-यूक्रेन के बीच युद्ध चल रहा है तो दूसरी तरफ ईरान ने एक नया कारनामा करके पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया है। ईरान ने हवा में एक ऐसा कैप्सूल छोड़ा है, जिसमें चूहे, कछुए और कीड़े-मकोड़े हैं। ईरान का दावा है कि यह उसका अंतरिक्ष मिशन है और वह भविष्य में इंसानों को भी भेजेगा। इस कैप्सूल को छोड़ने के लिए एक रॉकेट सलमान भी लॉन्च किया गया है। हालांकि, अंतरिक्ष में जानवरों को भेजने की बात कोई नई नहीं है, बल्कि अमेरिका भी यह कमाल कर चुका है। लेकिन, दुनिया को डर है कि इसके पीछे ईरान का मकसद कुछ और ही है। ईरान ने दो दिन पहले सलमान नाम के एक रॉकेट के जरिये कुछ जानवरों को अंतरिक्ष रवाना किया था। ईरान के दूरसंचार मंत्री ईसा जारेपोर ने कहा कि ईरान की धरती में ही इस रॉकेट और कैप्सूल को तैयार किया गया है। अगले कुछ ही सालों में इंसानों को भी अंतरिक्ष भेजने की तैयारी चल रही है। उन्होंने यह तो बता दिया कि रॉकेट के ऊपर 500 किलो कैप्सूल में डालकर जानवरों को भेजा गया है, लेकिन यह नहीं बताया कि इसमें कौन-कौन से जानवर शामिल थे। यह भी पढ़ें : Iran: 50 स्कूलों की 900 छात्राओं को दिया जहर, देश भर में दहशत News24 अब WhatsApp पर भी, लेटेस्ट खबरों के लिए जुड़िए हमारे साथ दुनिया को सता रहा डर दुनिया को अब इस बात का डर सता रहा है कि आने वाले सालों में इस रॉकेट की मदद से ईरान परमाणु बैलिस्टिक मिसाइल तैयार कर सकता है, जोकि सभी के लिए काफी घातक साबित हो सकता है। हालांकि, यूएस समेत कई देशों ने अंतरिक्ष मिशन को लेकर ईरान को लेकर चेतवानी भी दी है, लेकिन वह किसी की बात नहीं सुनता है। ईरान ने वर्ष 2020 में एक सैटेलाइट लॉन्च किया था, जिसे लेकर यूएस ने उसकी निंदा की थी। ईरान का साफ कहना है कि वह अपने लोगों और रक्षा क्षेत्र की भलाई के लिए काम कर रहा है, न कि कोई वह कोई परमाणु हथियार बना रहा है। अमेरिका भी भेज चुका है जानवर दुनिया में सबसे पहले अमेरिका ने साल 1961 में अंतरिक्ष में चिम्पैंजी को भेजा था, जिसका नाम हैम था। अंतरिक्ष में भेजने से पहले वैज्ञानिकों ने हैम को ट्रैनिंग भी दी थी। अंतरिक्ष में चिम्पैंजी को भेजने की वजह उनका शारीरिक संरचना इंसानों जैसा होता है। एक कैप्सूल में रखकर हैम को अंतरिक्ष रवाना किया गया और उड़ाने के 16:30 मिनट में ही पहुंच गया था।


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