वेनेजुएला पर अमेरिका की कार्रवाई के बाद राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को न्यूयॉर्क की संघीय अदालत में सोमवार को पेश किया गया. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि निकोलस मादुरो पर अमेरिका में ही मुकदमा चलेगा और वो सुनिश्चित करेंगे कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति को कड़ी से कड़ी सजा हो. इस बयान के तहत अब मादुरो को न्यूयॉर्क की अदालत में पेश किया गया, जहां उन्होंने गरजते हुए कहा कि वो अब भी वेनेजुएला के राष्ट्रपति है.
हथकड़ी पहने नजर आए निकोलस मादुरो
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अदालत में मादुरो और उनकी पत्नी सीलिया फ्लोरेस को नारंगी जेल यूनिफॉर्म और हथकड़ियों में पेश किया गया, जहां दोनों ने अमेरिका द्वारा लगाए गए ड्रग्स और नार्को-टेररिज्म से जुड़े सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया. इसके अलावा मादुरो ने जज के सामने खुद को राजनीतिक रूप से सताया गया व्यक्ति बताया और कहा कि अमेरिका उसकी संप्रभुता पर हमला कर रहा है.
---विज्ञापन---
यह भी पढ़ें: वेनेजुएला पर अमेरिकी एक्शन के बाद दो गुटों में बंटी दुनिया, क्या ये है तीसरे विश्व युद्ध की आहट?
---विज्ञापन---
17 मार्च को होगी अलगी सुनवाई
मादुरो के वकीलों ने यह भी क्लियर किया कि वे फिलहाल जमानत की मांग नहीं कर रहे, बल्कि सबूतों को लेकर अदालत से पारदर्शी सुनवाई की उम्मीद कर रहे हैं. लंबी जिरह के बाद कोर्ट ने अगली सुनवाई की तारीख 17 मार्च 2026 तय की है. तब तक मादुरो और उनकी पत्नी को अमेरिकी जेल में ही रखा जाएगा.
क्या मादुरो को होगी उम्रकैद?
अमेरिकी न्याय विभाग के मुताबिक मादुरो को अगर दोषी पाया गया, तो उन्हें उम्रकैद तक की सजा हो सकती है. आपको बता दें कि अमेरिकी सेना ने 3 जनवरी को ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व के तहत मादुरो को वेनेजुएला की राजधानी काराकस से हिरासत में लिया था. अमेरिका का दावा है कि मादुरो और उनके करीबी लोग लंबे समय से कोलंबियाई विद्रोही समूहों के साथ मिलकर कोकेन की गैरकानूनी तस्करी कर रहे थे और इससे होने वाले पैसों का इस्तेमाल हथियारों की सप्लाई और राजनीतिक नेटवर्क को मजबूत करने के लिए किया जा रहा था.
यह भी पढ़ें: कौन हैं पुलकित देसाई? न्यू जर्सी का मेयर बन रचा इतिहास, ऐसा करने वाले बने पहले एशियाई-अमेरिकी