Nepal Gen-Z Protests Update: नेपाल में Gen-Z का विरोध प्रदर्शन जारी है और प्रदर्शनकारियों ने अब राष्ट्रपति राम चंद्र पौडेल के घर कब्जा कर लिया है। प्रदर्शनकारी उनके घर में घुसे और तोड़फोड़ की। प्रधानमंत्री ओली के घर के बाहर भी सुरक्षाबलों की फायरिंग में 2 प्रदर्शनकारी घायल हुए हैं। प्रदर्शनकारियों ने सूचना मंत्री के घर को भी आग लगा दी थी। काठमांडू और अन्य प्रभावित क्षेत्रों रूपांडेही, भैरहवा आदि में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगा है। नेपाल आर्म शूट एट साइट के ऑर्डर के साथ सड़कों पर है।
इन मंत्रियों का घर भी फूंक दिया
बता दें कि प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति निवास के साथ-साथ पूर्व प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल प्रचंड, नेपाली कांग्रेस अध्यक्ष शेर बहादुर देउबा के घर में भी घुसकर तोड़फोड़ और आगजनी की। गृहमंत्री पद से इस्तीफा देने वाले रमेश लेखक और संचार मंत्री पृथ्वी सुब्बा गुरुंग का घर भी जला दिया है। प्रदर्शनकारियों ने सुबह राजधानी काठमांडू में प्रधानमंत्री ओली की पार्टी CPN (UML) के ऑफिस को भी आग के हवाले कर दिया था। प्रदर्शनकारियों ने विदेश मंत्री अर्जु राणा देउबा के ललितपुर में उल्लेन्स स्कूल को आग के हवाले कर दिया है।
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अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लागू
हालातों को देखते हुए काठमांडू के बाद नेपाल के भक्तपुर जिले में भी अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगा दिया है। 4 नगरपालिकाओं में ट्रांसपोर्ट सर्विस ठप हो गई। कर्फ्यू 8 सितंबर सुबह 8:30 बजे से लागू है और अगले आदेश तक जारी रहेगा। कर्फ्यू मध्यपुर थिमी, सूर्यविनायक, चांगुनारायण और भक्तपुर नगरपालिकाओं, जडिबुटी-राधेराधे-बालकोट-निकोसेरा, पेप्सीकोला, सौंगा, चारदोबाटो चोक, कमलविनायक, नगरकोट रोड, खरिपाटी, च्यामासिंह-नाला बॉर्डर और चाँगुनारायण मंदिर क्षेत्र में भी लगा है। सरकार की ओर से लोगों को घरों के अंदर रहने और प्रदर्शनकारियों को किसी भी तरह का सहयोग नहीं करने का आदेश दिया है, ताकि उनकी जान बची रहे।
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नेपाल में क्यों मचा बवाल?
बता दें कि नेपाल की ओली सरकार ने 4 सितंबर 2025 को देश में सोशल मीडिया बैन कर दिया था। सरकार का आदेश जारी होते ही व्हाट्सऐप, फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब समेत 25 से ज्यादा सोशल मीडिया प्लेटफार्म ब्लॉक हो गए थे। नेपाल के युवाओं ने सोशल मीडिया बैन करने के आदेश को स्वतंत्रता की अभिव्यक्ति का उल्लंघन मानते हुए सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। 8 सितंबर को प्रदर्शनकारियों के संसद में घुसने की कोशिश के दौरान प्रदर्शन उग्र और हिंसक हो गया। हिंसा, आगजनी और प्रदर्शन का दमन करने की आर्मी और सेना की कार्रवाई में 20 युवाओं की मौत हो गई और करीब 500 घायल हुए।
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