Elon Musk SpaceX Starship Rocket Second Test Flight Date Unveil Soon: अरबपति एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स (Spacex) जल्द ही अपने दूसरे स्टारशिप रॉकेट (Starship Rocket) का परीक्षण करेगी। इससे पहले इसी साल 20 अप्रैल को स्पेसएक्स ने अपने पहले स्टारशिप रॉकेट के परीक्षण का प्रयास किया था, लेकिन ये सफल नहीं हो पाया था। परीक्षण के थोड़ी देर बाद स्टारशिप में ब्लास्ट हो गया था।
जानकारी के मुताबिक, एलन मस्क इस महीने दूसरी बार स्टारशिप रॉकेट का परीक्षण कर सकते हैं। हालांकि, मस्क ने स्टारशिप की दूसरे परीक्षण के तारीखों की आधिकारिक घोषणा नहीं की है। बता दें कि 33 इंजन वाला दूसरा स्टारशिप करीब 400 फीट लंबा होगा। मस्क को उम्मीद है कि इंसान अगले तीन साल से भी कम समय में मंगल ग्रह पर उतर सकेगा।
कहा जा रहा है कि दूसरे परीक्षण के लिए स्टारशिप के डिजाइन में बदलाव किया गया है। इससे पहले 20 अप्रैल को टेक्सास में स्पेसएक्स की स्टारबेस से स्टारशिप को लॉन्च का प्रयास किया गया था। उड़ान के चार मिनट बाद ही अंतरिक्ष यान में विस्फोट हो गया था। मस्क ने गुरुवार को इंटरनेशनल एस्ट्रोनॉटिकल फेडरेशन के वार्षिक सम्मेलन में एक लाइवस्ट्रीम इंटरव्यू के दौरान कहा कि इस बार स्टारशिप सही रहता है, कोई गड़बड़ी नहीं होती है, तो हमारे पास ऑर्बिट में पहुंचने का अच्छा मौका है।
हर लॉन्च पर SpaceX खर्च करता है $40 मिलियन
जानकारी के मुताबिक, प्रत्येक लॉन्च पर SpaceX की लागत लगभग $40 मिलियन है। स्टारशिप 3 अरब डॉलर का रॉकेट है जिसका लक्ष्य 2025 के आसपास चंद्रमा पर उड़ान भरना और मनुष्यों को मंगल ग्रह तक पहुंचाना है।
मस्क ने पहले कहा था कि उनका भावी मंगल मिशन 2030 के दशक में होगा। हालांकि, इस सप्ताह की शुरुआत में भारतीय वायुसेना से वर्चुअली बात करते हुए मस्क ने सुझाव दिया था कि रॉकेट केवल तीन से चार वर्षों में लाल ग्रह यानी मंगल पर उतर सकता है।
बताया जा रहा है कि स्टारशिप को पृथ्वी से चंद्रमा और मंगल तक 100 लोगों को ले जाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। मंगल ग्रह की यात्रा लगभग सात महीने लंबी है, जिसका अर्थ है कि मंगल तक ले जाने वाले रॉकेट पर चालक दल के सदस्यों के लिए रहने की जगह होगी। हालांकि, स्पेसएक्स इंटीरियर डिजाइन शुरू करने से पहले सबसे पहले स्टारशिप को ऑर्बिट में स्थापित करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।
रॉकेट को शुरुआत से ही मंगल और चंद्रमा पर 100 टन से अधिक माल ले जाने में सक्षम बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया था। ऐसा इसलिए है ताकि यह ऑफ-प्लेनेट बेस कैंप बनाने के लिए आवश्यक सभी चीज़ों को स्टोर कर सके।
संबंधित खबरें
जम्मू-कश्मीर के पुंछ सेक्टर में LoC के पास IED ब्लास्ट, 4 आतंकी ढेर
1 hr agoसऊदी और हूती विद्रोहियों के बीच सुलह कराएगा ईरान? तेहरान ने दिए अहम संकेत
6 hrs agoअर्थशास्त्र में रॉबर्ट हॉल और माइकल वुडफोर्ड को मिला नोबेल पुरस्कार
6 hrs agoअल नीनो ने रेगिस्तान में खिला दिए फूल, जानें- कैसे बदल रहा दुनियाभर का मौसम
8 hrs agoनेपाल में 'जलप्रलय' ने फिर मचाई तबाही, नदी में सैलाब में बहे 40 घर और 6 पुल
10 hrs agoमिसाइल गिरते ही कैसे जान बचाकर भागे जायरीन? रियाद एयरपोर्ट का आया VIDEO
12 hrs agoसूडान में सोने की खदान पर मिसाइलों से भयंकर हमला, 72 लोगों की मौत
12 hrs agoLIVE: रामविलास पासवान की जयंती अब होगी राजकीय समारोह, बिहार कैबिनेट का ऐलान
14 hrs agoईरान का डोनाल्ड ट्रंप को झटका, होर्मुज खोलने को अमेरिका का जवाब किया खारिज
15 hrs agoजंग के बीच रूस-यूक्रेन एनर्जी सीजफायर पर राजी, ट्रंप का दावा- इसे तोड़ना मत
1 day agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines