Turkey Earthquake: तुर्की में अंकारा में बुधवार सुबह भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक, अंकारा से 186 किलोमीटर पश्चिम-उत्तर-पश्चिम में बुधवार सुबह 4:08 बजे (स्थानीय समयानुसार) 10 किलोमीटर की गहराई वाला भूकंप आया। रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 6 मापी गई। जानकारी के मुताबिक, भूकंप से अभी तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। अधिकारियों और निवासियों के अनुसार, भूकंप ने तुर्की के उत्तर-पश्चिमी डुज़से प्रांत को प्रभावित किया। इस्तांबुल और अंकारा शहरों में झटके महसूस किए गए। और पढ़िएPakistan: इमरान खान का बड़ा ऐलान, पीटीआई के सदस्य सभी विधानसभाओं से देंगे इस्तीफा

23 साल पहले इसी शहर में आया था भूकंप

बता दें कि तुर्की के इसी इलाके में 1999 में भी भूकंप आया था। उस वक्त भूकंप  की तीव्रता 7.2 मापी गई थी। इस खतरनाक भूकंप में 845 लोगों की मौत हो गई थी।

अरुणाचल में भी लगे भूकंप के झटके

बता दें कि बुधवार सुबह अरुणाचल प्रदेश के बसर में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 3.8 मापी गई। जानकारी के मुताबिक, भूकंप आज सुबह करीब 07:01 बजे अरुणाचल प्रदेश के बसर से 58 किमी उत्तर-पश्चिम-उत्तर में आया। भूकंप की गहराई जमीन से 10 किमी नीचे थी।

इंडोनेशिया में भूकंप से अबतक 268 लोगों की मौत

इस बीच, इंडोनेशिया के जावा में भूकंप से मरने वालों की संख्या मंगलवार को 268 पर पहुंच गई। एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए इंडोनेशिया की राष्ट्रीय आपदा न्यूनीकरण एजेंसी के प्रमुख ने कहा कि शाम साढ़े पांच बजे तक कम से कम 268 लोगों की मौत हुई है। अधिकारियों के मुताबिक, भूकंप की वजह से 1000 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। नेशनल डिजास्टर मिटिगेशन एजेंसी ने कहा कि एबीसी न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, 151 लोग अभी भी लापता हैं और 58,000 से अधिक निवासी विस्थापित हुए हैं। यूएस जियोलॉजिकल सर्वे के आंकड़ों के मुताबिक, 5.6 तीव्रता का भूकंप पश्चिम जावा के सियांजुर शहर में 10 किलोमीटर की गहराई में आया था। और पढ़िए FIFA World Cup 2022: कतर में फैन विलेज के पास लगी भीषण आग, मशक्कत के बाद पाया काबू

पिछले एक हफ्ते में कई जगह लगे भूकंप के झटके

बीते एक हफ्ते में दुनिया में भूकंप की कई खबरें आई हैं। मंगलवार सोलोमन आइलैंड पर भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए थे। भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 7.3 थी। मंगलवार को ही लद्दाख के लेह और करगिल में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 4.3 रही थी। भूकंप का केंद्र करगिल से 191 किमी दूर उत्तर में था।

जानें, क्यों आता है भूकंप

सरंचना के मुताबिक, पृथ्‍वी टैक्टोनिक प्लेटों पर स्थित है। प्लेटों के नीचे तरल पदार्थ है जिस पर टैक्टोनिक प्लेट्स तैरती रहती है। कई बार ये प्लेट्स आपस में टकराती और ज्यादा दबाव पड़ने से ये प्लेट्स टूटने भी लगती है। ऐसे में नीचे उत्पन्न हुई उर्जा बाहर निकलने का रास्‍ता खोजती है और जब इससे डिस्‍टर्बेंस बनता है तो भूकंप आता है।

कितनी तीव्रता वाला भूकंप कितना खतरनाक

0 से 1.9- सिर्फ सिस्मोग्राफी से पता चलेगा। 2 से 2.9- हल्के झटके लगते हैं। 3 से 3.9- कोई तेज रफ्तार गाड़ी आपके बगल से गुजर जाए, ऐसा असर होता है। 4 से 4.9- खिड़कियां हिलने लगती है। दीवारों पर टंगे सामान गिर जाते हैं। 5 से 5.9- घरों के अंदर रखे सामान जैसे फर्नीचर आदि हिलने लगते हैं। 6 से 6.9- कच्चे मकान और घर गिर जाते हैं। घरों में दरारें पड़ जाती है। 7 से 7.9- बिल्डिंग और मकानों को नुकसान होता है। गुजरात के भुज में 2001 और नेपाल में 2015 में इतनी तीव्रता का भूकंप आया था। 8 से 8.9- बड़ी इमारतें और पुल धाराशायी हो जाते हैं। 9 और उससे ज्यादा- सबसे ज्यादा तबाही। कोई मैदान में खड़ा हो तो उसे भी धरती हिलती हुई दिखेगी। जापान में 2011 में सुनामी के दौरान रिक्टर स्केल पर तीव्रता 9.1 मापी गई थी। और पढ़िए -  दुनिया से जुड़ी खबरें यहाँ पढ़ें