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ट्रंप ने भारत को फिर दिया झटका, H-1B वीजा का लॉटरी सिस्टम होगा खत्म, अब ऐसे होगा सेलेक्शन

Donald Trump News: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने H-1B वीजा की फीस बढ़ाने के बाद लॉटरी सिस्टम खत्म करके नया सेलेक्शन प्रोसेस लागू करने का फैसला किया है. इस नए फैसले से भी सबसे ज्यादा भारतीय प्रोफेशनल्स प्रभावित होंगे.

राष्ट्रपति ट्रंप भारत को एक के बाद एक नए नियमों के झटके देते जा रहे हैं.

H-1B Visa New Selection Process: अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने 50 प्रतिशत टैरिफ, H-1B वीजा फीस बढ़ाने के बाद अब H-1B वीजा के लिए लॉटरी सिस्टम को एक बदलाव किया है. नए नियम के अनुसार, अब एक लाख डॉलर अतिरिक्त आवेदन फीस तो देनी ही होगी, वहीं अब लॉटरी सिस्टम की जगह सैलरी बेस्ड सेलेक्शन होगा. इसमें में हाई लेवल के टैलेंट और हाई सैलरी वाले प्रोफेशनल्स को प्राथमिकता दी जाएगी.

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क्या है मकसद और कौन होगा प्रभावित?

राष्ट्रपति ट्रंप के फैसले का मकसद अमेरिकी नागरिकों की नौकरियां सुरक्षित करना और कम वेतन पर विदेशी कर्मचारियों की नियुक्ति पर रोक लगाना है. वहीं ट्रंप सरकार द्वारा H-1B वीजा को लेकर किए गए बदलावों का सीधा असर भारतीय और अन्य विदेशी कर्मियों पर पड़ेगा, जो अब तक H-1B वीजा प्रोग्राम से आज तक सबसे ज्यादा लाभान्वित होते रहे हैं, क्योंकि अमेरिका में करीब 70 प्रतिशत H-1B वीजा धारक भारतीय हैं.

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वीजा के लिए बढ़ाई एक लाख डॉलर फीस

बता दें कि गत 20 सितंबर को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने H-1B वीजा की फीस बढ़ाने का एग्जीक्यूटिव ऑर्डर साइन किया था. इसके साथ ही अब H-1B वीजा के लिए आवेदन करने वाले नए लोगों को बेसिक और प्रोसेसिंग फीस के साथ एक लाख डॉलर अतिरिक्त फीस भी देनी होगी, जो करीब 85 लाख रुपये हैं. हालांकि एक लाख डॉलर फीस के दायरे से मेडिकल सेक्टर को बाहर रखा गया है, लेकिन बाकी को फीस देनी ही होगी.

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वीजा के लिए अब तक ऐसे होता सेलेक्शन

बता दें कि अमेरिका की US सिटिजनशिप एंड इमिग्रेशन सर्विसेज (USCIS) H-1B वीजा जारी करती है. इसके लिए एक पूरा प्रोसेस आवेदन को फॉलो करना होता है. वीजा के लिए सबसे पहले इलेक्ट्रॉनिक रजिस्ट्रेशन कराया जाता है, इसके लिए कंपनी USCIS की वेबसाइट पर ऑनलाइन अकाउंट बनाती है और हायर किए जाने वाले लोगों के लिए रजिस्ट्रेशन कराती है, इसके लिए पासपोर्ट की डिटेल देकर $215 प्रति रजिस्ट्रेशन फीस जमा करती है. समय से पहले रजिस्ट्रेशन स्वीकार नहीं होगा और एक शख्स के लिए एक ही रजिस्ट्रेशन स्वीकार किया जाएगा.

इसके बाद वीजा देने के लिए तय की गई संख्या से ज्यादा रजिस्ट्रेशन होने पर कंप्यूटर जनरेटेड रैंडम लॉटरी निकालकर पात्र रजिस्ट्रेशन कलेक्ट किए जाते हैं. फिर पहले 20000 मास्टर्स वीजा जारी किए जाते हैं और फिर रेगुलर 65000 वीजा जारी किए जाते हैं. सेलेक्शन होने के बाद कंपनी फीस वगैरा भरकर प्रोसेस पूरा करती है और फिर वीजा जारी कर दिया जाता है. बता दें कि एक अक्टूबर 2025 से शुरू होने वाले वित्तीय वर्ष 2026 के लिए USCIS ने 118660 लाभार्थियों को चुना गया है, जिसके परिणामस्वरूप 120141 रजिस्ट्रेशन हुए हैं.


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