बांग्लादेश में हालिया राजनीतिक उथल-पुथल और अल्पसंख्यकों (हिंदू-ईसाई) के खिलाफ हिंसक घटनाओं के बाद दुनियाभर में भारत के पड़ोसी मुल्क की साख पर गहरा असर पड़ रहा है. जिसका परिणाम ये हुआ कि अब दुनिया के कई देश बांग्लादेशी नागरिकों को वीजा देने से कतरा रहे हैं. सोमवार को अमेरिकी सरकार ने भी बड़ा फैसला लेते हुए बांग्लादेशियों के लिए वीजा नियमों को सख्त कर दिया है.
अमेरिका ने बांग्लादेश को दिया झटका
अमेरिकी दूतावास ने एक नया नियम लागू करने की घोषणा की है, जिसके तहत 21 जनवरी 2026 से सभी बांग्लादेशी नागरिकों को B-1/B-2 (बिजनेस और ट्रैवल) वीजा के लिए अधिकतम 15,000 डॉलर (लगभग 18 लाख टका) का बांड जमा करना अनिवार्य होगा. अमेरिका की तरफ से यह कदम देश में अगस्त 2024 में शेख हसीना सरकार के पतन के बाद उत्पन्न अस्थिरता और हिंसा की घटनाओं से उपजी चिंताओं के बाद उठाया गया है.
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धोखाधड़ी से रहें सावधान!
महत्वपूर्ण बात यह है कि वीजा इंटरव्यू से पहले बांड का भुगतान करने से वीजा की गारंटी नहीं मिलेगी. दूतावास ने चेतावनी भी दी है कि तीसरे पक्ष की थर्ड पार्टी वेबसाइट पर एडवांस पेमेंट करने से बचें, क्योंकि आप धोखाधड़ी का शिकार हो सकते हैं. साथ ही, इंटरव्यू से पहले किया गया कोई भी पेमेंट वापस नहीं किया जाएगा.
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क्या वापस होगा पेमेंट?
अगर वीजा धारक इन शर्तों का पूरी तरह पालन करता है, तो बांड की राशि वापस लौटा दी जाएगी. इस नियम से बांग्लादेशी यात्रियों के लिए अमेरिका जाने की राह और कठिन हो गई है. कई लोगों का मानना है कि यह कदम अवैध आप्रवासन और वीजा उल्लंघन की बढ़ती आशंकाओं का परिणाम है. बांग्लादेश सरकार की ओर से अभी इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन विपक्षी दलों ने इसे देश की छवि पर 'काला धब्बा' करार दिया है.