राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के वरिष्ठ नेता भैयाजी जोशी ने कहा है कि हम सरकार से अनुरोध कर रहे हैं कि बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करे जो इस समय राजनीतिक संकट में फंसा हुआ है। जोशी ने आगे कहा कि इस तरह की रिपोर्ट्स सामने आई हैं कि वहां अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है। बता दें कि जोशी आरएसएस की अखिल भारतीय एग्जीक्यूटिव के सदस्य हैं।
नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री मोहम्मद यूनुस ने कहा है कि वह बांग्लादेश में अंतरिम सरकार की अध्यक्षता करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि मैं प्रदर्शनकारियों के उस भरोसे से सम्मानित महसूस कर रहा हूं जो अंतरिम सरकार का नेतृत्व करने के लिए उन्होंने मुझमें दिखाया है। यूनुस ने कहा कि अगर बांग्लादेश में सख्त ऐक्शन लेने की जरूरत पड़ती है तो मैं ऐसा कदम उठाऊंगा। उन्होंने मुक्त और निष्पक्ष चुनाव आयोजित कराए जाने की मांग भी की।
बांग्लादेश छोड़कर भारत आईं पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना अगले 48 घंटे के अंदर भारत छोड़ सकती हैं। अभी तक चर्चा थी कि वह लंदन जाएंगी लेकिन ब्रिटिश सरकार ने उन्हें शरण देने से इनकार कर दिया है। ऐसे में अब खबर आई है कि वह यूरोप का रुख कर सकती हैं। दावा किया जा रहा है कि उनकी यात्रा का प्रबंध कर दिया गया है।
बांग्लादेश में चल रहे संकट के बीच अब विपक्षी नेताओं की रिहाई का दौर शुरू हो गया है। सोमवार को शेख हसीना के इस्तीफे और देश छोड़ने के बाद देश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया की तुरंत रिहाई का आदेश आ गया था। अब मंगलवार को उन राजनीतिक कैदियों को रिहा किया जा रहा है जिन्हें शेख हसीना के कार्यकाल के दौरान जेल में डाल दिया गया था। इसके साथ ही रिपोर्ट्स आ रही हैं कि प्रतिबंधित पार्टी जमात-ए-इस्लामी के सदस्यों को भी जेल से बाहर किया जा रहा है।
बांग्लादेश में बढ़ रही हिंसा की वजह से भारत में पढ़ रहे वहां के छात्र बहुत परेशान हैं। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में पढ़ाई कर रहे बांग्लादेशी छात्र विद्युत ने कहा कि हिंसा बहुत तेजी से फैल रही है। जब से प्रदर्शन शुरू हुए हैं तब से वहां नेटवर्क नहीं है। इस वजह से मैं अपने घर वालों से बात नहीं कर पा रहा हूं। मैं बहुत परेशान हूं।
योग गुरु बाबा रामदेव ने कहा है कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर कोई अत्याचार नहीं होना चाहिए। इसके लिए पूरे देश को एकजुट होने की जरूरत है। मुझे यह देखकर खुशी हो रही है कि पहली बार पूरा विपक्ष सरकार के साथ है और भारत की यही नीति होनी चाहिए। अन्यथा, जिस तरह इस्लामी उग्रवाद पूरी दुनिया में बढ़ रहा है और जिस तरह इसकी वजह से हमारे पड़ोसी देशों की जो हालत हुई है, आने वाले समय में यह हमारे देश के लिए भी खतरनाक साबित हो सकता है।
बांग्लादेश में चल रहे राजनीतिक संकट का असर भारत और बांग्लादेश के बीच कारोबार पर पड़ने की संभावना भी जताई जा रही है। इसे लेकर फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशंस (FIEO) के सीईओ और डायरेक्टर जनरल अजय सहाय ने कहा कि फिलहाल कारोबार बाधित चल रहा है। असल में ऐसा पिछले 15 दिन से चल रहा है। हमारे कुछ एक्सपोर्ट्स पर असर पड़ा था लेकिन पेरिशेबल वस्तुओं (जिन्हें ज्यादा समय तक स्टोर कर के नहीं रखा जा सकता) का एक्सपोर्ट चल रहा था। लेकिन, कल से हमें पेरिशेबल्स के एक्सपोर्ट में भी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। सहाय ने आगे कहा कि वहां इंटरनेट की स्थिति भीा ठीक नहीं है। ऐसा लगता है कि हालात सामान्य होने में अभी 8 से 10 दिन और लग जाएंगे।
बांग्लादेश के राजनीतिक संकट पर बोलते हुए विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि बांग्लादेश में मौजूद प्रवासी भारतीयों के साथ सरकार संपर्क में है। अनुमान के मुताबिक 19 हजार भारतीय बांग्लादेश में है, जिनमें से 9 हजार छात्र हैं। जुलाई में छात्रों का एक बड़ा समूह स्वदेश लौटा है। हम लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। साथ ही अल्पसंख्यकों की स्थिति पर भी हमारी नजर है। कानून-व्यवस्था की स्थिति सामान्य होने तक हमारी नजर बनी हुई है। असामान्य स्थिति में सैन्य बलों को सीमा पर सतर्क रहने को कहा गया है। पिछले 24 घंटे से केंद्र सरकार ढाका प्रशासन के साथ संपर्क में है।
खालिदा जिया की पार्टी बांग्लादेश नेशनल पार्टी के सेक्रेटी जनरल मिर्जा फखरूल इस्लाम आलमगीर ने राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन से तत्काल प्रभाव से संसद भंग करने की मांग की है। डेली स्टार की रिपोर्ट के मुताबिक बीएनपी ने तत्काल अंतरिम सरकार के गठन की मांग की है।
बांग्लादेश में जारी राजनीतिक संकट के बीच नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद युनूस अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार बनने को तैयार हो गए हैं। डेली स्टार ने इस बारे में जानकारी दी है। मोहम्मद युनूस, शेख हसीना के आलोचकों में गिने जाते रहे हैं। हसीना के ढाका छोड़ने के बाद उन्होंने कहा था कि बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री ने बंगबंधु शेख मुजीब उर रहमान की राजनीतिक विरासत को ध्वस्त कर दिया था।
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को शीर्ष भारतीय अधिकारियों ने चेताया था, लेकिन उन्होंने दिल्ली की बात नहीं मानी और अंत में उन्हें कीमत चुकानी पड़ी। शीर्ष भारतीय अधिकारियों के हवाले से हिंदुस्तान टाइम्स ने लिखा है कि जून, 2023 में आर्मी चीफ की पोस्ट पर जनरल वाकर जमान की नियुक्ति को लेकर भारत ने शेख हसीना को चेताया था। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय अधिकारियों ने शेख हसीना से कहा था कि वाकर जमान का रुझान चीन की तरफ है। बावजूद इसके शेख हसीना ने जमान को 23 जून, 2023 को आर्मी चीफ के पद नियुक्त कर दिया। जुलाई-अगस्त 2024 में जब शेख हसीना के खिलाफ बांग्लादेश की सड़कों पर जनसैलाब उमड़ा तो आर्मी चीफ वाकर जमान ने प्रोटेस्ट को काबू करने के बजाय शेख हसीना को देश छोड़ने को कह दिया।
विदेश एस. जयशंकर संसद के दोनों सदनों में मंगलवार को बांग्लादेश के राजनीतिक हालात पर बयान देंगे। राज्यसभा में विदेश मंत्री 2.30 बजे सदन में बयान देंगे। इसके बाद वे लोकसभा में बयान देंगे। इससे पहले मंगलवार की सुबह विदेश मंत्री ने सर्वदलीय बैठक में विपक्षी पार्टियों के सामने सरकार का पक्ष रखा।
पश्चिम बंगालः मंगलवार की सुबह बांग्लादेश से लोग अपने काम के सिलसिले में बॉर्डर क्रॉस करके बस के जरिए बंगाल पहुंचे। ये बस नॉर्थ 24 परगना के पेत्रापोल-बेनापोल बॉर्डर से होकर बंगाल में प्रवेश की। बांग्लादेश में हिंसा को देखते हुए सीमा पर बड़ी संख्या में फोर्स की तैनाती की गई है।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक शेख हसीना जब तक भारत में रहेंगी, भारतीय वायुसेना के स्पेशल गरुड़ कमांडो उनकी सुरक्षा करेंगे। गरुड़ कमांडो बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री की सुरक्षा में तैनात रहेंगे। बता दें कि गरुड़ कमांडो बनने के लिए तीन साल की विशेष ट्रेनिंग लेनी पड़ती है। ये कमांडो मल्टीलेवल ऑपरेशन चलाने में सक्षम होते हैं। एके-47, एके-103, ट्वोर असाल्ट राइफल, आधुनिक निगेव एलएमजी और एक किलोमीटर तक दुश्मन का सफाया करने वाली गलील स्नाइपर के संचालन में इन्हें महारत होती है। गरुड़ कमांडो नाइट विजन, स्मोक ग्रेनेड और हैंड ग्रेनेड भी इस्तेमाल करते हैं। गरुड़ आंकड़ों के मुताबिक ट्रेनिंग की शुरुआत में ही कई अफसर बीच में ही ट्रेनिंग छोड़ देते हैं।
सूत्रों के मुताबिक सर्वदलीय बैठक में विदेश मंत्री ने कहा कि बांग्लादेश में 12 हजार भारतीय छात्र हैं। उन्हें भारत लाने की कोशिश अभी नहीं की जा रही है। बांग्लादेशी सेना के बयान पर सरकार हालात को देख रही है, जिसमें कहा गया है कि स्थिति जल्द सामान्य हो जाएगी। विदेश मंत्री ने कहा कि शेख हसीना कब वापस जाएंगी, ये अभी तय नहीं हुआ है। सरकार हालात पर नजर बनाए हुए है।
सर्वदलीय बैठक में कांग्रेस नेता और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बांग्लादेश में हुए तख्तापलट में बाहरी हाथ होने को लेकर विदेश मंत्री से सवाल पूछा। इस पर विदेश मंत्री ने कहा कि बाहरी ताकतों के शामिल होने की बात करना अभी जल्दबाजी है। एक पाकिस्तानी जनरल ने डीपी प्रोफाइल बदलकर हंगामे को सपोर्ट किया था। विदेश मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार मिलिट्री के संपर्क में है। स्थिति लगातार बदल रही है। जैसे-जैसे डेवलप होगी। विपक्ष को जानकारी दी जाएगी।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि बांग्लादेश में भारत के 20 हजार लोग थे, जिसमें ज्यादातर भारतीय छात्र थे। पड़ोसी देश के राजनीतिक हालात पर केंद्र सरकार की एडवायडरी के बाद 8 हजार छात्र भारत लौट आए हैं।
बांग्लादेश के मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि केंद्र सरकार शेख हसीना को थोड़ा समय और स्पेस देना चाहती है। वहीं सूत्रों के हवाले से जानकारी मिली है कि अब शेख हसीना को तय करना है कि वो कब और कहां जाएंगी। हालांकि अभी वो भारत में हैं।
बांग्लादेश के राजनीतिक संकट पर कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा कि सबसे पहले केंद्र सरकार को यह मैसेज देना चाहिए कि वह बांग्लादेश की जनता के साथ है। इसके अलावा भारत का कोई अन्य निहित स्वार्थ नहीं है। हालांकि ढाका से आ रही कुछ खबरें चिंताजनक हैं, जिनमें हिंदुओं के घरों और मंदिरों पर हमले की बात कही जा रही है। हमने ढाका में लूट की तस्वीरें देखी हैं। आने वाले कुछ दिनों में हो सकता है कि यह सब शांत हो जाए। अगर यही नहीं होता है तो फिर भारत के सामने शरणार्थी संकट खड़ा हो सकता है। और यह हमारे लिए चिंता की बात होगी। मुझे उम्मीद है कि ढाका में उच्चायुक्त और अन्य स्टाफ सुरक्षित होंगे और स्थिति पर निगाह रखे होंगे। हमें अभी तक नहीं पता कि अंतरिम सरकार की अगुवाई कौन करेगा। भारत के लिए चिंता की बात यह है कि जमात ए इस्लामी का रुझान भारत के खिलाफ रहा है और हमने बीते वर्षों में यह देखा है। इसके साथ ही चीन और पाकिस्तान की ओर हस्तक्षेप की भी आशंका है। हम अपने पड़ोस में अस्थिरता नहीं चाहते हैं।
बांग्लादेश के हालात पर चर्चा के लिए बुलाई गई सर्वदलीय बैठक समाप्त हो गई है। बैठक में नेता विपक्ष राहुल गांधी सहित तमाम विपक्षी पार्टियों के नेताओं ने हिस्सा लिया। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मामले पर सरकार का पक्ष रखा। बैठक में टीएमसी, सपा, राजद के नेता भी शामिल हुए।