AI Generated Voice Robocalls Ban In US: एआई-जनित रोबोकॉल को लेकर बहुत बड़ा अपडेट आया है। दरअसल अमेरिका ने देश के हज़ारों लोगों के साथ धोखाधड़ी को अंजाम देने वाली आवाज़ क्लोनिंग की घटनाओं के चलते एआई-जनित रोबोकॉल पर बैन लगा दिया है। अब सवाल ये उठता है कि आखिर क्यों लगाया गया ये प्रतिबंध और कैसे दिया जाता है इस धोखाधड़ी को अंजाम? चलिए आपको समझाते हैं।
इस मुद्दे पर फेडरल कम्युनिकेशंस कमीशन ने बताया कि बुरे एक्टर्स कमजोर परिवार के लोगों के साथ जबरन वसूली करने, मशहूर हस्तियों की नकल करने और मतदाताओं को गलत जानकारी देने के लिए अवांछित रोबोकॉल में एआई से बनी आवाज़ों का इस्तेमाल कर रहे हैं। वह इन रोबोकॉल के पीछे धोखेबाजों को नोटिस भी दे रहे हैं।
राष्ट्रपति जो बिडेन से जुड़ा फर्जी रोबोकॉल का मामला
यह कदम तब उठाया गया जब राष्ट्रपति जो बिडेन की नकल करते हुए एक फर्जी रोबोकॉल का मामला सामने आया। जिसमें न्यू हैम्पशायर के डेमोक्रेटिक प्राथमिक चुनाव में लोगों को उनके लिए मतदान करने से रोकने की कोशिश की गई थी।
एफसीसी कमिश्नर जेफ्री स्टार्क्स ने बताया कि जेनरेटिव एआई के इस्तेमाल ने फर्जी रोबोकॉल की बढ़ती विश्वसनीयता के साथ मतदाता दमन योजनाओं और अभियान के सीज़न के लिए एक नया खतरा पैदा किया है।
यह फैसला तुरंत प्रभाव से लागू किया जाता है और नियामक यानी रेगुलेटर को उन कंपनियों पर जुर्माना लगाने की अनुमति देता है जो अपनी कॉल में एआई-जनरेटेड आवाजों का इस्तेमाल करती हैं या उन्हें ले जाने वाले सेवा प्रदाताओं को प्रतिबंधित करती हैं।
कैसे होता है एआई-जनित रोबोकॉल घोटाला ?
एक जानकारी के मुताबिक, जिस व्यक्ति को इस घोटाले का निशाना बनाना हो उसे रोबोकॉल करके उससे पहले बात कि जाती थी और उसके बाद पैसे ऐंठे जाते थे। ऐसे में धोखाधड़ी करने वाले पीड़ितों से ठगी करने के लिए कई योजनाओं का भी सहारा लेते थे। यही नहीं बल्कि अगर घोटाले का शिकार बनने वाला व्यक्ति उनकी बात नहीं मानता तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी भी दी जाती थी।