Indira Jaising Controversy: प्रसिद्ध वकील इंदिरा जयसिंह ने हाल ही में अपने बयान में कहा कि ‘राम मेरे भारत के विचार नहीं हैं, संविधान मेरे भारत का विचार है।’ उनका मानना है कि भारत का संविधान ही देश की पहचान है और इसके तहत हिंदू राष्ट्र की कल्पना संभव नहीं है। इसके पहले भी वे अपने बयान के कारण विवादों में रही हैं। उन्होंने निर्भया की मां से कहा था कि वे अपराधियों को माफ कर दें, जिससे वे भड़क गई थीं। आइए इंदिरा जयसिंह के बारे में जानते हैं।
1940 में मुंबई में जन्मीं इंदिरा जयसिंह ने बॉम्बे विश्वविद्यालय से कानून की पढ़ाई की। 1986 में, वह बॉम्बे हाई कोर्ट की पहली महिला वरिष्ठ अधिवक्ता बनीं। 2009 में, वह भारत की पहली महिला अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल बनीं। उन्होंने महिलाओं और मानवाधिकारों से जुड़े कई अहम मामलों की पैरवी की है। इंदिरा जयसिंह और उनके पति आनंद ग्रोवर ने 1981 में लॉयर्स कलेक्टिव नामक एनजीओ की स्थापना की, जो महिलाओं के अधिकारों के लिए काम करता है। 2018 में, उन्हें फॉर्च्यून मैगजीन द्वारा दुनिया के शीर्ष 50 नेताओं में शामिल किया गया। इसके बारे में और जानने के लिए पूरी वीडियो देखें…
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