Prahari App से कैसे आप भी काट सकते हैं दूसरे का चालान, क्या है प्रोसेस; जानें स्टेप बाई स्टेप
Author: News24 हिंदी
Jul 19, 2025 02:00 PM IST
अब सिर्फ दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ही नहीं आप भी बिना हेलमेट पहने शख्स पर चालान कर सकते हैं। कोई भी आम लोग बड़ी आसानी से ट्रैफिक वायलेशन रिपोर्ट कर सकता है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस इसके लिए ‘Prahari App’ की मदद ले रही है। अगर आप ये सोच रहे हैं कि आप ट्रैफिक पुलिस की आंखों में धूल झोंककर गाड़ी को भगाकर ले जाएंगे तो ये आपकी भूल है। क्योंकि बेशक पुलिस आप पर एक बार को नजर न रख पाए, लेकिन आम इंसान आपका चालान काट सकता है। इसके लिए आपको ज्यादा कुछ नहीं करना है। बस गूगल प्ले स्टोर में जाकर इस ऐप को डाउनलोड कर इस्तेमाल करना है।
अब आपको बिल्कुल परेशान होने की कोई जरूरत नहीं है। किसी को अगर आप ट्रैफिक रूल्स तोड़ते हुए देख रहे हैं, तो बस शिकायत न करके आप डायरेक्ट कार्रवाई कर सकते हैं।
कैसे करें Prahari App डाउनलोड ?
- पहला स्टेप- गूगल प्ले स्टोर से ‘Prahari’ ऐप डाउनलोड करें।
- दूसरा स्टेप- फिर आपके पास ओटीपी आएगा, उससे मोबाइल नंबर से रजिस्ट्रेशन करें।
- तीसरा स्टेप- ट्रैफिक वायलेशन देखकर गाड़ी की साफ फोटो लें।
- चौथा स्टेप- ऐप में डेट, टाइम और जगह की जानकारी अपलोड करें।
- पांचवा स्टेप- सबमिट करने के बाद फोटो की ट्रैफिक पुलिस द्वारा जांच होती है।
- छठा स्टेप- अगर फोटो वेरिफाइ हो जाती है तो गाड़ी के मालिक को चालान भेज दिया जाएगा। फिर यूजर को नोटिफिकेशन देकर रिवॉर्ड पॉइंट्स देते हैं।
ट्रैफिक पुलिस की मदद करें और पाएं इनाम
इस ऐप को लेकर ट्रैफिक दिल्ली पुलिस ने बताया कि हर दिन आम लोग काफी सारे चालान भेज रही है। काफी ज्यादा संख्या में उनके पास ट्रैफिक तोड़ने वालों की रिपोर्ट आ रही है। उन्होंने बताया कि चालान भेजने वाले को इनाम भी दिया जा रहा है। जो कुछ इस तरह से बनाया गया है।
पहले नंबर पर आने वाले को 50000 रुपए मिलते हैं। वहीं, दूसरे वाले को 25000 रुपए दिए जाते हैं। तीसरे नंबर पर आने वाले को 15000 रुपए मिलते हैं और आखिर में चौथे नंबर पर आने वाले को 10,000 रुपए तक इनाम दिया जाता है। तो फिर देर किस बात की, आप भी दिल्ली पुलिस की एप्लीकेशन को डाउनलोड कर लाभ ले सकते हैं। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, इस ऐप को लेकर लोगों के बीच काफी एक्साइटमेंट देखने को मिल रही है। दिल्ली पुलिस के अलग-अलग व्हाट्सएप ग्रुप पर आम लोग डेली चालान भेजकर ट्रैफिक पुलिस की मदद कर रहे हैं।