TrendingAyodhya Ram MandirDharmendra & Hema MaliniBigg Boss 19Gold Price

---विज्ञापन---

कभी देखा है, कैसे बदला जाता है जगन्नाथ मंदिर का झंडा? देखें वीडियो

Shree Jagannatha Temple Flag : पुरी में मौजूद श्री जगन्नाथ मंदिर से जुड़े कई रहस्यों के बारे में आप जानते होंगे लेकिन क्या आपने कभी मंदिर के झंडे को बदले जाने का वीडियो देखा है? मान्यता है कि अगर झंडा रोज नहीं बदला गया तो मंदिर सालों के लिए बंद हो जायेगा ।

Shree Jagannatha Temple Flag : जगन्नाथ मंदिर से जुड़ी परंपराओं के बारे में आपने सुना ही होगा। इस मंदिर से जुड़ी एक मान्यता यह भी है कि हर सुबह सूर्योदय से पहले और शाम को सूर्यास्त के समय मंदिर पर लगे झंडे को बदलकर नया झंडा लगा दिया जाता है। यह परंपरा सदियों से चली आ रही है। आपने भी जगन्नाथ मंदिर की इस परंपरा के बारे में जरूर सुना होगा लेकिन क्या आपने कभी भी इस मंदिर के झंडे को बदलने की प्रक्रिया को देखा है? चलिए आपको आज इससे जुड़ा एक वीडियो दिखाते हैं। बताया जाता है कि जगन्नाथ मंदिर के गुंबद पर लगे ध्वज को रोज बदला जाता है। यह काम मंदिर में लगे सेवादारों द्वारा ही किया जाता है। कहा तो यह भी जाता है कि ये ध्वज हमेशा समुद्र से बहने वाली हवा की विपरीत दिशा में उड़ता है। ये क्यों और कैसे होता है, एक रहस्य ही है। इस वक्त मंदिर में झंडा बदलने का एक वीडियो वायरल हो रहा है।

800 सालों से निभाई जा रही है प्रक्रिया 

जगन्नाथ पुरी में लहराने वाला झंडा 20 फीट का त्रिकोणीय झंडा है। मान्यता है कि 800 सालों से हर दिन इस झंडे को बदलने की प्रक्रिया चली आ रही है। जगन्नाथ मंदिर के शिखर पर फहराया गया ध्वज काफी दूर से दिखाई देता है। झंडे को भगवान जगन्नाथ का प्रतीक माना जाता है।

देखें वीडियो, कैसे बदला जानता है जगन्नाथ मंदिर का ध्वज

इस वीडियो में दिखाई दे रहा है कि मंदिर के गुंबद पर एक शख्स चढ़कर जाता है, फिर उस जगह पर पहुंचता है, जिस रॉड में मंदिर के झंडे को लगाया जाता है। रॉड से झंडे को निकालने के बाद मंदिर के सेवादार उसे सम्मानित तरीके से मोड़ते हैं और फिर दूसरे झंडे को रॉड में लगाकर फहरा दिया जाता है। यह भी पढ़ें : कितना सोना है जगन्नाथ मंदिर में, चौंधिया जाएंगी लोगों की आंखें सेवादार आसानी से मंदिर के गुंबद से नीचे उतर आता है। कहा तो यह भी जाता है कि जगन्नाथ मंदिर का ध्वज अगर एक दिन भी नहीं बदला गया तो मंदिर 18 सालों के लिए अपने आप बंद हो जाएगा। यह मंदिर ओड़िसा के पुरी में मौजूद है और देश भर में प्रसिद्ध है।


Topics: