सोशल मीडिया पर अक्सर कई मुद्दों पर बहस हुआ करती है। लेकिन कुछ मुद्दे ऐसे होते हैं जिन पर बहस लंबे समय से जारी है, और कुछ महीनों के बाद ये मुद्दे सोशल मीडिया पर फिर दिखाई देने लगते हैं। ऐसा ही एक मुद्दा है क्या पुलाव ही वेज बिरयानी है या फिर दोनों में अंतर है। दोनों डिशेज के बेहद लजीज स्वाद को देखते हुए शाकाहारी लोग अक्सर ये शिकायत करते देखे जाते हैं जब उनकी थाली में रखे पुलाव को बिरयानी कहने से इनकार कर दिया जाता है। वहीं, मांसाहारी लोग अक्सर यह कहते हैं कि वेज बिरयानी जैसा कुछ नहीं होता, यह पुलाव ही है।
चेफ कुणाल कपूर के एक आर्टिकल के अनुसार एक आम धारणा यह है कि पुलाव भारतीय डिश है। लेकिन, इसे सबसे पहले सेंट्रल एशिया में पकाया गया था, जिसे आज के समय में बगदाद कहते हैं। उस समय भी इसे मीट के साथ तैयार किया गया था। इतिहासकार लिजी कॉलिंघम अपनी किताब करी: अ टेल ऑफ किक्स एंड कांक्वेरर्स में कहती हैं कि मॉडर्न बिरयानी मुगल साम्राज्य के दौरान शाही रसोई में अस्तित्व में आई थी। यह भारत की मसालेदार व्यजनों और पारसी पुलाव का शानदार मिश्रण था। बिरयानी और पुलाव दोनों की ही उत्पत्ति फारसी प्रतीत होती है।
भारत में बिरयानी से पुराना है पुलाव
बिरयानी शब्द फारसी के व्रिंजी (Vrinji) या बिरिंज (Birinj) से बना है। इसे पकाने का एक तरीका दम पख्त है जिसका फारसी में मतलब एयर कूल्ड होता है। इसमें चावल को गुथे हुए आटे से सील किया जाता है। बिरयानी शब्द का इतिहास 13वीं शताब्दी तक जाता है। लेकिन, भारत में पुलाव को ज्यादा पुराना माना जाता है। बता दें कि मुगल बादशाह अकबर के दरबार में इतिहासकार अबुल फजल की किताब ‘आईन-ए-अकबरी’ में बिरयानी और पुलाव की रेसिपी के बीच अंतर बताया गया है। इसमें पकाए जाने वाले व्यंजनों के तीन वर्गों के बारे में बात की गई है।
दोनों को पकाने के तरीके में है अंतर
एक बात तो साफ है कि वेज बिरयानी और पुलाव एक नहीं हैं। दोनों में सबसे बड़ा अंतर इन्हें पकाने के तरीके में है। बिरयानी को कभी भी एक साथ नहीं पकाया जाता है। इसे पकाने की प्रक्रिया में चावल को थोड़ा या पूरा तरह पकाना, उसे ड्रेन करना और सब्जियों (मांसाहारी बिरयानी में मांस के साथ) के साथ मिलाना होता है। इसके बाद इस मिक्सचर को बर्तन में सील कर दिया जाता है और दम पर पकाया जाता है। इससे चावल और सब्जियों की अलग अलग लेयर तैयार हो जाती हैं जिन्हें सर्व करने से पहले मिलाया जाता है। इसे बनाने के अलग-अलग और मशहूर तरीके हैं।
वहीं, अगर पुलाव की बात करें तो इसमें कच्चे चावल को मसालों और सब्जियों के साथ पानी में डालकर पकाया जाता है। चावल पानी को पूरी तरह सोख लेता है। इसे पकाने का एक ही चरण है। ऐसे में यह कहा जा सकता है कि वेज बिरयानी को तो पुलाव कह सकते हैं लेकिन पुलाव को वेज बिरयानी नहीं कह सकते।
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