Aligarh Crime News: उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में पूर्व बसपा विधायक और वर्तमान में रालोद नेता की हत्या की सुपारी देने में पुलिस ने खैर के चेयरमैन समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक हत्या के लिए 25 लाख रुपये की सुपारी दी गई थी। पुलिस ने एक कार, सुपारी के लिए पेशगी के 1.6 लाख रुपये और हथियार बरामद किए हैं। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है।

पूर्व विधायक ने दर्ज कराया था मुकदमा

अलीगढ़ के एसएसपी कलानिधी नैथानी ने बताया कि अलीगढ़ के खैर कस्बे से पूर्व बसपा विधायक और वर्तमान रालोद नेता प्रमोद गौड़ परिवार के साथ रहते हैं। उन्होंने 27 अगस्त को खैर चेयरमैन संजीव कुमार समेत अन्य के खिलाफ धमकाने का मुकदमा दर्ज कराया था। उनका आरोप था कि चेयरमैन एक प्लॉट पर कब्जा करना चाहती था। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया। सर्विलांस और कॉल रिकॉर्ड समेत अन्य माध्यमों से पड़ताल करना शुरू किया, तो उनके होश उड़ गए। पुलिस ने बताया कि मामले में कई संदिग्ध लोगों से बात चल रही थी। पुलिस ने जब इस संदिग्ध लोगों को उठाया तो मामले में बड़ा खुलासा सामने आया।

हिस्ट्रीशीटरों से बात कर रहा था चैयरमैन

एसपी देहात पलाश बंसल ने बताया कि पकड़े गए संदिग्धों की पहचान संजय शर्मा निवासी देवीपुरा (बुलंदशहर), राहुल शर्मा निवासी कृष्णा नगर, देवीपुरा (बुलंदशहर), करन सैनी निवासी छसिया बाद थाना सिकंदराबाद (बुलंदशहर) और राजकुमार जाट (हिस्ट्रीशीटर बुलंदशहर) निवासी खुर्जा के रूप में हुई है। पूछताछ में सामने आया है कि इन बदमाशों से 25 लाख रुपये में पूर्व विधायक की हत्या का सौदा तय हुआ था। पड़ताल में सामने आया है कि इनमें से कुछ बदमाशों ने अलीगढ़ आकर पूर्व विधायक के घर और कॉलेज की रेकी की थी। ये बदमाश अलीगढ़ के होटल और चेयरमैन के कार्यालय में आकर रुके थे। जहां के फोटो पुलिस ने साक्ष्य के तौर पर इकट्ठा किए हैं।

भाजपा के जिलाध्यक्ष ने कहा, चेयरमैन का पार्टी से कोई लेनादेना नहीं

मामले का खुलासा होने के बाद भाजपा के अलीगढ़ जिलाध्यक्ष ऋषिपाल सिंह ने बताया कि खैर चेयरमैन संजीव कुमार अग्रवाल उर्फ बिट्टू का पार्टी से कोई संबंध नहीं है। वह निर्दलीय चुनाव लड़े और जीते हैं। उनका कहना है कि कुछ पार्टियों का उन्हें संरक्षण प्राप्त है। भाजपा किसी भी अपराधी को संरक्षण नहीं देती है। वहीं घटना के खुलासे के बाद पूर्व विधायक के परिवार ने राहत की सांस ली है।