शाहनवाज चौधरी, बुलंदशहर
लोकसभा में बुधवार को वक्फ बिल पास होने के बाद यूपी की योगी सरकार एक्शन मोड में आ गई है। सरकार जिलावार वक्फ प्रॉपर्टीज का ब्योरा तैयार करवा रही है। बुलंदशहर की बात करें तो जिले की सभी 7 तहसील क्षेत्रों में 3464 वक्फ संपत्तियों को चिह्नित किया गया है। इसके बाद वक्फ संपत्तियों के कस्टोडियंस में बेचैनी है। बुलंदशहर में सबसे अधिक 1075 वक्फ संपत्तियां तहसील क्षेत्र में हैं। खुर्जा में 750, अनूपशहर में 578, सिकंदराबाद में 449, शिकारपुर में 236, डिबाई में 203 और स्याना तहसील क्षेत्र में 173 वक्फ प्रॉपर्टीज को चिह्नित किया गया है।
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वक्फ संपत्तियों की कीमत अरबों रुपये आंकी गई है, जबकि वक्फ बोर्ड को इनसे इतनी कमाई नहीं हो रही है। वक्फ मामलों के जानकार बताते हैं कि वक्फ संपत्तियों की वजह से कस्टोडियंस ही बेशकीमती प्रॉपर्टी के मालिक बन चुके हैं। कस्टोडियंस वक्फ संपत्तियों से कमाई तो करते हैं, लेकिन इनकी देखरेख पर कोई खर्च नहीं करते। इसलिए जगह-जगह वक्फ संपत्तियों पर अवैध कब्जे हो चुके हैं। हालात ये हैं कि अगर वक्फ की संपत्ति पर मस्जिद और मदरसा बना है तो कस्टोडियंस रंगाई-पुताई तक कराने की जहमत नहीं उठाते। गांवों-देहात में वक्फ संपत्तियों की अनदेखी की जा रही है।
निजी स्वार्थ की भेंट चढ़ीं संपत्तियां
अल्लाह की राह में दान की गई संपत्तियों को वक्फ बोर्ड में शामिल किया गया था। इसका मकसद था कि वक्फ प्रॉपर्टीज से अर्जित धन से गरीब, बेसहारा, विधवा महिला और अनाथ लोगों की मदद की जाएगी। इन जमीनों पर अस्पताल, विश्राम गृह खोले जाएंगे। इस मकसद का पूरी तरह से पालन नहीं किया गया। यही वजह है कि वक्फ संपत्तियां जगह-जगह जंग का अखाड़ा बन गई हैं। कस्टोडियंस निजी स्वार्थ में डूब गए और वक्फ संपत्तियों को कमाई का जरिया बना लिया।
रजिस्टर में दर्ज होता है विवरण
देशभर की वक्फ संपत्तियों को दर्ज करने के लिए ‘दफा 37’ रजिस्टर होता है। इस रजिस्टर में वक्फ संपत्तियों का पूरा विवरण दर्ज होता है। वक्फ संपत्ति कृषि भूमि, प्लॉट, बाग या कमर्शियल है, इसकी पूरी जानकारी दर्ज होती है। अलीगढ़ और बुलंदशहर जिलों में करीब 50 हजार बीघा भूमि राजा लाल सिंह के वंशज बासित अली खां ने वक्फ के नाम की थी। बादशाह अकबर के काल में राजघराने के लाल सिंह मुस्लिम धर्म अपनाकर लाल खां बन गए थे।
प्रशासन ने की पुष्टि
बताते हैं कि नवाब छतारी अहमद सईद खां और बासित अली खां ममेरे भाई थे। वक्फ की गई जमीनों पर वर्तमान में अवैध कब्जे कर लिए गए हैं। ज्यादातर जमीनों का व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है। बुलंदशहर के जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी मानवेंद्र राजपूत ने बताया कि जिले में वक्फ संपत्तियों का ब्योरा जुटाने का काम शुरू हो चुका है। कुल 3464 वक्फ संपत्तियां मिली हैं। इनकी सूची प्रशासन को भेज दी गई है, जो भी आदेश मिलेंगे, उनके अनुरूप कार्रवाई होगी।
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