उत्तरकाशी की सिल्कयारा सुरंग में फंसे सभी 41 मजदूर सुरक्षित बाहर निकाल लिए गए हैं। करीब 17 दिन तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद जिस व्यक्ति को सबसे पहले बाहर निकाला गया उसका नाम विजय है। विजय को एनडीआरएफ कर्मचारियों ने शाम 7.28 बडे स्ट्रेचर पर बाहर निकाला। झारखंड के खूंटी जिले के गुमड़ गांव के रहने वाले विजय होरो ने 17 दिन के बाद खुली हवा में सांस लेने के बाद कहा कि अब मुझे बड़ी राहत मिली है और मैं बहुत खुश हूं।
डर था मगर हार नहीं मानी...
इस सुरंग में उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती जिले के रहने वाले सत्यदेव भी फंसे थे। सत्यदेव ने कहा कि दम घुटने वाली परिस्थितियों में इतने दिन गुजारना बेहद चुनौतीपूर्ण था। उन्होंने कहा कि मैंने कभी भी इस तरह का अनुभव नहीं किया था... मुझे बहुत डर लग रहा था लेकिन बाहर की दुनिया से लगातार बने रहे संपर्क ने मुझे हार नहीं मानने दी।
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बता दें कि सुरंग में फंसे हुए लोगों के परिजन और साथी घटनास्थल के पास ही डटे हुए थे। इनमें से एक थे चौधरी लाल जिनका 22 साल का बेटा मनजीत भी सुरंग में फंसा हुआ था। बेटे के सुरक्षित बाहर निकलने के बाद चौधरी लाल ने कहा कि पहले मैं इस रेस्क्यू मिशन के परिणाम और अपने बेटे की सुरक्षा को लेकर बहुत चिंतित था। उन्होंने कहा, 'मेरे बड़े बेटे की करीब एक साल पहले मुंबई में एक ऊंची इमारत पर काम करते हुए बिजली का झटका लगने से मौत हो गई थी। मैं अपने दूसरे बेटे को वैसी ही परिस्थितियों में खोते हुए नहीं देख सकता था।'
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सुरंग में फंसे वीरेंद्र किसकू की पत्नी रजनी भी लंबे समय से अपने पति का इंतजार कर रही थीं। वीरेंद्र के बाहर निकलने के बाद रजनी ने राहत की सांस लेते हुए कहा कि घर पहुंचने के बाद मैं अपने पति का पसंदीदा भोजन पकाऊंगी। मेरे बच्चे अपने पिता का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
ऑपरेशन को लेकर बोले केंद्रीय गृह मंत्री शाह
इस रेस्क्यू ऑपरेशन को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद इस पूरे ऑपरेशन पर नजर रख रहे थे और इससे पता चलता है कि वह कितने संवेदनशील हैं। शाह ने कहा कि मैं उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर धामी के नेतृत्व और उनकी टीम के प्रयासों की सराहना करता हूं। इस ऑपरेशन में शामिल सभी एजेंसियां और लोग बधाई के पात्र हैं।