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Joshimath Land Subsidence: जोशीमठ में मकानों के दरकने का सिलसिला जारी, 603 हुई संख्या, सरकार ने भेजा फंड

Joshimath Land Subsidence: उत्तराखंड (Uttarakhand) के जोशीमठ (Joshimath) में मकानों और इमारतों में दरारें आने का सिलसिला लगातार जारी है। चमोली (Chamoli) जिला प्रशासन के अनुसार शनिवार को कस्बे के 9 वार्डों के 603 भवनों में अब तक दरारें आ चुकी हैं। शनिवार को 55 परिवारों को रेस्क्यू करके सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। बता […]

Joshimath Land Subsidence: उत्तराखंड (Uttarakhand) के जोशीमठ (Joshimath) में मकानों और इमारतों में दरारें आने का सिलसिला लगातार जारी है। चमोली (Chamoli) जिला प्रशासन के अनुसार शनिवार को कस्बे के 9 वार्डों के 603 भवनों में अब तक दरारें आ चुकी हैं। शनिवार को 55 परिवारों को रेस्क्यू करके सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। बता दें कि पहले 561 भवनों में दरारें आई थीं। और पढ़िए –Muzaffarpur News : दो दिवसीय युवा महोत्सव का संस्कृति मंत्री करेंगे उद्घाटन, युवाओं को मिलेगा प्रोत्साहन

सीएम धामी ने जारी की राहत राशि

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को प्रभावित कस्बा जोशीमठ का दौरा किया। इसके तुरंत बाद देहरादून पहुंचकर भू-धंसाव (जमीन धंसने) को लेकर सचिवालय में आपदा संचालन केंद्र में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से बताया गया है कि आपदा मद में 11 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि जिलाधिकारी चमोली को उपलब्ध करायी गयी है। और पढ़िए –Video: भारत जोड़ो यात्रा में राहुल गांधी के समर्थकों का डांस, कड़ाके की ठंड में बस पर खड़े होकर जमकर नाचे

केंद्र और राज्य सरकार की एजेंसियां जुटीं

मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि जोशीमठ क्षेत्र के सर्वेक्षण अध्ययन के लिए केंद्र सरकार और राज्य सरकार के स्तर विशेषज्ञों की टीमों को लगाया गया है। दोनों टीमों के बीच विभिन्न संस्थानों पर आपसी समन्वय सुनिश्चित किया जाए। ताकि इस आपदा से निपटने के लिए प्रभावी प्रयास सुनिश्चित किए जा सकें।

जोशीमठ में एक ही स्थान पर धंसावः डीएम

चमोली के जिलाधिकारी हिमांशु खुराना ने बताया कि जमीन धंसने की समस्या जोशीमठ के एक विशेष क्षेत्र में ही है। उन्होंने बताया कि पूरे शहर में नहीं जमीन नहीं धंस रही है। यही कारण है कि हम प्रभावित लोगों को शहर के दूसरे सुरक्षित क्षेत्रों में होटल और होमस्टे आदि में ठहरा रहे हैं। और पढ़िए –देश से जुड़ी खबरें यहाँ पढ़ें


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