रिटायरमेंट के बाद कारोबार की सोच रहे थे
जानकारी के मुताबिक मनोज कुमार शर्मा सेना से रिटायर्ड होकर लखनऊ में रहते हैं। उन्होंने बताया कि वह वर्ष 2018 में अपने घर पर रहने के दौरान कारोबार में अपना हाथ आजमाना चाहते थे। इसी दौरान उनकी आईबी सिंह नाम के एक शख्स से मुलाकात हुई। आरोप है कि उसने खुद को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सलाहकार के रूप में पेश किया। कई बड़ी परियोजनाओं के बारे में बताया।आरोपी ने दो और आरोपियों से मिलवाया
इसके बाद एके सिंह ने एसके सिंह और तेज बहादुर राय नाम के दो लोगों से मनोज कुमार शर्मा को मिलवाया। आरोपियों ने दावा किया कि वे एक बड़ी खनन कंपनी के सर्वेसर्वा हैं। पीड़ित ने बताया कि आरोपियों ने उन्होंने अवध शिल्पग्राम के पीछे एक जमीन भी दिखाई। उससे कहा कि यह तेज बहादुर राय की जमीन है। इस पर एक व्यापारिक परियोजना शुरू करने के लिए विचार कर रहे हैं। अभी पढ़ें - जेंडर चेंज करवाकर मीरा से बनी ‘आरव’, लड़का बन कर ली स्टूडेंट से शादी, देखें तस्वीरों में प्यार की दास्तांएनओसी के नाम पर जमा कराई रकम
आरोपियों ने पीड़ित को बड़े लोगों से संपर्क और व्यापारिक योजना का सपना दिखाया। इसके बाद आरोपियों ने कहा कि इसके लिए उन्हें (एनओसी) लेनी है, जिसके लिए आवास विकास विभाग को 79 लाख रुपये का भुगतान करना होगा। इस पर आरोपियों ने कहा कि अगर वह इस भुगतान को कर देता है तो उसे 40% का भागीदार बना दिया जाएगा। लखनऊ के एडीसीपी (पूर्वी क्षेत्र) सैयद अली अब्बास ने बताया कि इस मामले में मुकदमा दर्ज कराया गया है।अभी पढ़ें - प्रदेश से जुड़ी खबरें यहाँ पढ़ें
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