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‘मुसलमानों की सेवा से भी परेशानी…’, कांवड़ यात्रा में ‘नेम प्लेट’ मामले पर भड़के इमरान मसूद

Kanwar Yatra Nameplate Controversy: उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा शुरू होने जा रही है। इसकी शुरुआत से पहले एक बार फिर से नेम प्लेट वाला मुद्दा शुरू हो गया है। दुकानदारों को अपनी दुकानों पर नाम लिखने के आदेश के बाद से ही यूपी की सियासत गर्मा गई है।

Kanwar Yatra Nameplate Controversy: जम्मू-कश्मीर में अमरनाथ यात्रा और उत्तराखंड में चारधाम यात्रा चल रही है। 11 जुलाई से उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा की भी शुरुआत होने जा रही है, लेकिन यूपी में इससे पहले ही 'नेम प्लेट' का मामला सुर्खियों में आ गया है। इस पर नेताओं के बयान सामने आ रहे हैं। हाल ही में कांग्रेस सांसद इमरान मसूद का भी बयान सामने आया है। इस मामले पर उन्होंने कहा कि 'यह लोग देश की साझा संस्कृति और साझा विरासत को तबाह करना चाहते हैं।' बता दें कि कांवड़ यात्रा में दुकानदारों से नाम लिखने का मामला 2024 से ही चला आ रहा है, जो 2025 की यात्रा से पहले एक बार फिर से सुर्खियों में आ गया है।

मुसलमान करते हैं सेवा- इमरान मसूद

यूपी में कांवड़ यात्रा में नेम प्लेट विवाद बढ़ता जा रहा है। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए योगी सरकार को आड़े हाथों लिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने कहा कि 'जो यात्री भक्ति में सराबोर होकर आते हैं, लोग उनकी सेवा करते हैं। वे ऐसे इलाकों से भी गुजरते हैं, जहां पर मुसलमानों की तादाद ज्यादा है। वहां पर मुस्लिम समुदाय के लोग भी उनकी सेवा करते हैं, लेकिन इनको इससे भी दिक्कत है।' ये भी पढ़ें: नोएडा में नकली मार्कशीट बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़

'यह मोहब्बत का देश है'

इमरान मसूद ने भारत को मोहब्बत का देश बताते हुए कहा कि 'पिछले साल भी इस तरह का विवाद करके नफरत फैलाने की कोशिश की थी, लेकिन लोगों ने इसको नाकाम कर दिया था।' इमरान मसूद ने आगे कहा कि 'इस तरह के मामलों में अधिक सेंसेशन फैलाने की कोशिश बंद होनी चाहिए, मैं खुद भी कांवड़ शिविरों में जाकर सेवा करता हूं।'

भोजन शुद्ध होना चाहिए- सीएम धामी

'नेम प्लेट' विवाद पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का रिएक्शन भी सामने आया है। उन्होंने कहा कि 'कांवड़ यात्रा हमारी आस्था और श्रद्धा की यात्रा है, जिसमें हर साल 4 करोड़ से भी ज्यादा श्रद्धालु अलग-अलग क्षेत्रों से हरिद्वार और ऋषिकेश आते हैं।' वह आगे कहते हैं कि 'वे सभी मां गंगा का जल लेकर अपने-अपने क्षेत्रों को निकल जाते हैं। ऐसे में उन्हें मिलने वाला भोजन शुद्ध होना चाहिए।' ये भी पढ़ें: उत्तराखंड में 3 कांवड़ियों की मौत, 14 यात्री गंभीर घायल; टिहरी में ट्रक पलटने से हुआ हादसा


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