TrendingDonald trump tariffsAI summitiranDonald Trump

---विज्ञापन---

BJP MLA मंजू त्यागी के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश, जानें क्या है मामला?

लखीमपुर में सहकारी समिति के चुनाव में नामांकन पत्रों को जबरन छीनने के मामले में कोर्ट ने भाजपा विधायक मंजू त्यागी और अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है।

लखीमपुर की भाजपा विधायक मंजू त्यागी।
जय गुप्ता, लखीमपुर। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में श्री नगर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक मंजू त्यागी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बीते वर्ष फूलबेहड़ सहकारी समितियों के चुनाव के दौरान नामांकन पत्र छीनने और कार्यकर्ताओं के साथ अभद्रता करने के आरोप में एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं। एसीजेएम श्रद्धा देवा ने फूलबेहड़ थानाध्यक्ष को मंजू त्यागी और प्रत्याशी सहित अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं।

क्या है मामला?

दरअसल, 12 सितंबर 2024 को सहकारी समिति फूलबेहड़ के संचालक मंडल का नामांकन तय था। आकाश सिंह निवासी फूलबेहड़ समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी थे। आकाश सिंह का कहना है कि वह नामांकन पत्र दाखिल करने के लिए समिति के कार्यालय पहुंचे तो चुनाव अधिकारी ने काफी टालमटोल के बाद प्रत्याशियों को नामांकन पत्र दिए। उस दौरान भाजपा विधायक मंजू त्यागी अपने साथियों के साथ कार्यालय में घुस गईं और जबरन सभी प्रत्याशियों के नामांकन पत्र और रजिस्टर लेकर धमकी देती हुई चली गईं। आकाश सिंह का कहना है कि  उन्होंने इस मामले में कई उच्चाधिकारियों को प्रार्थनापत्र दिए, लेकिन जब रिपोर्ट नहीं दर्ज हुई तो विधायक मंजू त्यागी और भाजपा प्रत्याशी शिवभगवान मौर्या समेत अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ कोर्ट में प्रार्थनापत्र दिया। एसीजेएम श्रद्धा देवा ने अर्जी की सुनवाई के बाद मंजूरी दी है और एफआईआर दर्ज कर विवेचना करने के लिए थानाध्यक्ष फूलबेहड़ को आदेश जारी किया है। एसीजेएम ने 173-4 के तहत केस दर्ज करने के आदेश दिए हैं।

समाजवादी पार्टी ने किया था विरोध-प्रदर्शन

बता दें कि 12 सितंबर 2024 को नामांकन के दौरान विधायक मंजू त्यागी ने सदर एसडीएम अश्वनी सिंह की मौजूदगी में आरओ से नामांकन पत्र छीन लिया था। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। घटना के बाद समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने सत्ता पक्ष और पुलिस-प्रशासन पर आरोप लगाते हुए विरोध-प्रदर्शन किया था। इस दौरान धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई थी और पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा था।


Topics:

---विज्ञापन---