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शादी के 14वें दिन ‘मुस्कान’ बनी प्रगति के साथी गिरफ्तार, औरैया के दिलीप केस में आया नया मोड़

दिलीप हत्याकांड के आरोपियों का एनकाउंटर हुआ है। पुलिस ने 2 आरोपियों को दबोचा है, जिन्होंने दिलीप की हत्या करने में प्रगति का साथ दिया था। उत्तर प्रदेश के औरैया में वारदात अंजाम दी गई थी और शादी के 14 दिन बाद ही दिलीप को मार दिया गया था।

(अवधेश मिश्रा, औरैया) उत्तर प्रदेश के औरैया में हुए दिलीप यादव हत्याकांड में शामिल 2 आरोपियों को आज पुलिस ने दबोच लिया। पुलिस ने एनकाउंटर करके 2 इनामी बदमाशों को गिरफ्तार किया। यह गिरफ्तारी सहार थाना क्षेत्र में वाहन चेकिंग के दौरान हुई मुठभेड़ के बाद हुई। गिरफ्तार किए गए दोनों व्यक्ति जनपद औरैया के ही रहने वाले हैं, जिनके नाम दुर्लभ उर्फ पिंटू और शिवम हैं। दोनों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम भी था। मुठभेड़ के दौरान दोनों व्यक्तियों के पैरों में गोली लगी और उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।   पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर शंकर ने इस मामले में बयान दिया है। मुठभेड़ में गिरफ्तार हुए दोनों आरोपी प्रगति और उसके प्रेमी अनुराग द्वारा रची गई साजिश का हिस्सा थे। दिलीप हत्याकांड में आरोपी पत्नी प्रगति, उसके प्रेमी अनुराग, सुपारी किलर रामजी नागर को पुलिस पहले ही जेल भेज चुकी है। 2 अन्य आरोपी भी आज दबोच लिए गए। प्रगति ने शादी के 14 दिन बाद ही प्रेमी के साथ मिलकर पति दिलीप यादव की हत्या कर दी थी। पुलिस ने आरोपियों से 2 तमंचे, 4 जिंदा कारतूस और एक बाइक बरामद की है।

प्रेम प्रसंग में हुई दिलीप की हत्या

पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर शंकर ने बताया कि दिलीप यादव की हत्या मेरठ के सौरभ राजपूत की तरह ही प्रेम प्रसंग हुई है। प्रगति शादी से पहले ही अनुराग उर्फ बबलू उर्फ मनोज यादव के साथ संबंध में थी। दोनों के बीच अवैध संबंध थे। दोनों शादी करना चाहते थे, लेकिन परिजनों ने प्रगति की शादी दिलीप से करा दी। इससे वह खुश नहीं थी, इसलिए उसने अनुराग के साथ मिलकर दिलीप को रास्ते से हटाने की साजिश रची। दोनों ने मिलकर दिलीप की सुपारी दी और  उसकी हत्या करवाकर शव ठिकाने लगवा दिया।

सुपारी के लिए पैसे कहां से दिए?

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि प्रगति ने सुपारी के लिए पैसे मुंह दिखाई में मिले शगुन से जुटाए थे। उसने पुलिस को दिए बयान में बताया कि जब वह ससुराल आई थी तो उसे रिश्तेदारों ने मुंह दिखाई में पैसे दिए थे। शगुन के सभी पैसे मिलाकर करीब एक लाख रुपये इकट्ठे हुए थे, जो उसने सुपारी में दे दिए।


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