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Prayagraj Sangam का पानी नहाने लायक है या नहीं? जानें उत्तर प्रदेश पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड का जवाब

UPPCB Report on Prayagraj Sangam Water: उत्तर प्रदेश पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (UPPCB) ने प्रयागराज में संगम के प्रदूषित पानी के मामले पर एक्शन टेकन रिपोर्ट दाखिल की है। हालांकि, इस रिपोर्ट को लेकर NGT संतुष्ट नहीं है।

प्रोभाकर मिश्रा

UPPCB Report on Prayagraj Sangam Water: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में संगम के प्रदूषित पानी के मामले पर उत्तर प्रदेश पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (UPPCB) ने NGT में एक्शन टेकन रिपोर्ट दाखिल की है। अपनी इस रिपोर्ट में UPPCB ने बताया कि संगम का पानी नहाने के लिए उपयुक्त है। बोर्ड ने बताया कि नालों के जरिए कोई भी प्रदूषित सीवेज सीधे गंगा नदी या यमुना नदी में नहीं छोड़ा जा रहा है। UPPCB ने कहा कि प्रयागराज में गंगा और यमुना नदी पर 6 पॉइंट्स पर नदी का पानी नहाने के लिए उपयुक्त है।

कैसा है संगम का पानी?

UPPCB ने बताया कि शास्त्री ब्रिज के पास बायोकेमिकल ऑक्सीजन डिमांड और फिकल कैलिफॉर्म के आंकड़ों में मामूली वृद्धि हुई है। पर्यावरण मानदंडों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। UPPCB ने यह भी कहा कि किसी भी तरह के ठोस कचरे को गंगा और यमुना में जाने से रोकने के लिए लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। UPPCB ने कहा कि प्रयागराज में गंगा और यमुना नदी का पानी 6 पॉइंट्स पर है। इन नदियों के पानी के सैंपल में डिसॉल्व्ड ऑक्सीजन (DO), बायोकेमिकल ऑक्सीजन डिमांड (BOD) और फेकल कोलीफॉर्म (FC) का लेवल स्वीकार्य मानकों के अनुसार है।

महाकुंभ मेला 2025 की सफाई

UPPCB ने कहा कि प्रयागराज नगर आयुक्त ने महाकुंभ मेला 2025 और प्रमुख स्नान तिथियों के दौरान नगर निगम क्षेत्र में कचरा उठाने के लिए 3 एजेंसियों को जिम्मेदारी सौंपी है। इन एजेंसियों की तरफ से हर रोज डोर-टू-डोर कचरा उठाया जा रहा है। इसके अलावा, सड़क और नालों की सफाई के लिए वार्ड स्तर पर करीब 8,000 सफाई मित्रों को तैनात किया गया है। इन सफाई मित्रों द्वारा हर रोज सड़कों और नालों की सफाई की जा रही है। इसके अलावा, मेला क्षेत्र का कचरा बसवार स्थित MSW एमएसडब्ल्यू प्लांट में ले जाया जाता है। यहां हर रोज वैज्ञानिक तरीके से ठोस कचरे का निपटान किया जाता है। यह भी पढ़ें: Ghaziabad News: लोनी में दोहराई ‘दृश्यम’ की कहानी; हत्या के बाद पड़ोसी को 8 फीट गहरे गड्ढे में दफन कर सोया

UPPCB की रिपोर्ट से NGT संतुष्ट नहीं

बोर्ड ने बताया कि नदी के पानी की रिपोर्ट नियमित रूप से UPPCB की वेबसाइट पर लगातार अपलोड की जा रही है। हालांकि, NGT ने यूपी पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड की इस रिपोर्ट पर नाराजगी जाहिर की है। NGT ने UPPCB से कहा है कि वह CPCB की रिपोर्ट पर कार्रवाई करे। UPPCB गंगा-यमुना में पानी की गुणवत्ता को लेकर एक हफ्ते में नई रिपोर्ट दाखिल करेगा। अगली सुनवाई 28 फरवरी को होगी।


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