TrendingNew YearPollutionimd weather forecast

---विज्ञापन---

नोएडा के इस सेक्टर में मिनी जू की तर्ज पर बन रहा डियर पार्क, सरकार से मिली हरी झंडी

Noida Authority: नोएडा अथॉरिटी द्वारा सेक्टर-91 स्थित 30 एकड़ जमीन पर बायोडायवर्सिटी पार्क का निर्माण कराया जा रहा है। अब इस पार्क में 10 प्रजातियों के 132 हिरणों को लाया जाएगा। बताया जा रहा है कि इस पार्क का निर्माण मिनी जू की तर्ज पर किया जाएगा। इसे लेकर अथॉरिटी ने तैयारी शुरू कर दी है।

Dear Park
Noida Authority: नोएडा में सेक्टर-91 बायोडायवर्सिटी पार्क का निर्माण होना है। अथॉरिटी के मुताबिक यहां पर डियर पार्क सनसेट सफारी को केंद्र सरकार से हरी झंडी मिल गई है। बताया जा रहा है कि साथ ही इस पार्क में अफ्रीका के हिरणों को रखा जाएगा। केंद्र सरकार से इस पर भी लिखित रूप से अनुमति मिल गई है। इसके बाद नोएडा अथॉरिटी ने तैयारी शुरू कर दी है। अथॉरिटी अब डिजाइन तैयार करवाने का काम शुरू करेगा। डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार करवाने के लिए अथॉरिटी जल्द ही सलाहकार का चयन करेगा। मिनी जू पर खर्च होंगे 40 करोड़ रुपये नोएडा अथॉरिटी सीईओ डॉ. लोकेश एम का कहना है कि सेक्टर-91 बायोडायवर्सिटी पार्क में डियर पार्क सनसेट सफारी को केंद्र सरकार से अनुमति मिल गई है। जिसके बाद इसकी तैयारी शुरू हो गई है। अब आगे काम शुरू करवाने के लिए डीपीआर तैयार करवाई जानी है। उनका कहना है कि 30 एकड़ में मिनी जू की तर्ज पर इस डियर पार्क को बनाने में करीब 40 करोड़ रुपये की लागत आएगी। रात में स्पेक्ट्रम लाइट में देख सकेंगे जानवर अथॉरिटी के मुताबिक,यह शहर की पहली सनसेट सफारी होगी। इसमें रात करीब 10 बजे तक लोग स्पेक्ट्रम लाइट की रोशनी में हिरण व अन्य जानवरों को देख सकेंगे। बताया जा रहा है कि स्पेक्ट्रम लाइट में वहां पर मौजूद जानवरों को अंधेरा ही लगेगा। वहीं जो लोग सनसेट सफारी में पहुंचेंगे उनको स्पष्ट दिखाई देगा। 10 प्रजातियों के 132 हिरण दिखेंगे मिनी जू की तर्ज पर बन रहे डियर पार्क में 10 प्रजातियों के 132 हिरण को लाया जाएगा। इसमें तीन प्रजातियां अफ्रीका से एक्सपोर्ट की जाएंगी। इसके अलावा कानपुर, हैदराबाद और लखनऊ के चिड़ियाघर से यहां हिरण लाए जाएंगे। विदेशी हिरणों का रखा जाएगा विशेष ख्याल सीईओ ने बताया कि नोएडा, गाजियाबाद और आसपास में ऐसा डियर पार्क नहीं है। इसलिए यहां डियर पार्क बनाया जा रहा है। इसके लिए विशेषज्ञों से बातचीत भी की गई है। ताकि विदेश से लाए जाने वाले हिरण के लिए यहां का पर्यावरण अनुकूल बनाया जा सके। सीईओ ने बताया कि विदेशी सहित सभी जानवरों का विशेष ख्याल रखा जाएगा।


Topics:

---विज्ञापन---