Muzaffarnagar Gang rape Case: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले से एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। यहां एक व्यक्ति ने सुपारी देकर अपनी ही साली के साथ पहले सामूहिक दुष्कर्म किया और फिर उसकी हत्या करवा दी। जानकारी के मुताबिक, 21 वर्षीय महिला के कथित दुष्कर्म और हत्या के मुख्य आरोपी उसके जीजा ने दो अन्य हत्यारों को सुपारी देने के लिए बैंक से 40,000 रुपये का लोन लिया था। पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसके दो साथी अभी फरार हैं। आरोपी ने पूछताछ में बताया है कि साली उसे ब्लैकमेल कर रही थी, इसीलिए सुपारी देकर हत्या करवा दी।
आरोपी बना रहा था शादी का दबाव
मुख्य आरोपी की पहचान आशीष के रूप में हुई है, जो कथित तौर पर महिला पर उससे शादी करने का दबाव बना रहा था। घटना मुजफ्फरनगर जिले के बुढ़ाना क्षेत्र के बवाना गांव की है। अधिकारियों ने कहा कि आशीष ने अपने साथियों शुभम और दीपक के साथ मिलकर महिला को उसके घर से बहला-फुसलाकर ले गया, उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया और बाद में उसका गला घोंटकर हत्या कर दी।
सबूत मिटाने के लिए शव को जलाया
इतना ही नहीं उन्होंने सबूत मिटाने के प्रयास में पीड़िता के शव को जला भी दिया। पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी ने अपना अपराध कबूल कर लिया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मुजफ्फरनगर के एसपी (ग्रामीण) आदित्य बंसल ने कहा कि महिला को आखिरी बार 21 जनवरी को अपने जीजा के साथ स्कूटर पर देखा गया था।
आरोपी ने महिला पर लगाया ब्लैकमेल करने का आरोप
जानकारी के अनुसार, इस वारदात को बीते 21 जनवरी को मेरठ में नानू नहर के पास अंजाम दिया गया। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने अपनी साली की हत्या की साजिश रची थी। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसके अपनी साली के साथ अवैध संबंध थे, जिसके चलते वह अक्सर ब्लैकमेल करती थी। इसी वजह से उसने हत्या की साजिश रची। उसने शुभम नाम के युवक से संपर्क किया। शुभम ने उसे दीपक नाम के शख्स से मिलवाया, जो हत्या के लिए तैयार हो गया।
तीनों में मिलकर बनाई थी हत्या की योजना
पुलिस के मुताबिक, तीनों ने मिलकर हत्या की योजना बनाई। इसके लिए 30 हजार रुपये में डील हुई थी। मुख्य आरोपी ने बैंक से 40,000 हजार रुपये का कर्ज लिया, और 10 हजार रुपये एडवांस के तौर पर दे दिए। बाकी के 20 हजार रुपये काम पूरा होने पर देने की बात तय हुई। इसके बाद 21 जनवरी को आरोपी जीजा, शुभम और दीपक तीनों स्कूटी से लड़की को लेकर नहर के पास गए, वहां उन्होंने पहले सामूहिक दुष्कर्म किया, फिर दुपट्टे से गला घोंटकर हत्या कर दी। पहचान छिपाने के लिए शव पर पेट्रोल डालकर जला दिया।
आरोपी जीजा ने कबूल किया जुर्म
इस मामले में पीड़िता के परिजनों ने 23 जनवरी को गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आखिरी बार पीड़िता को उसके जीजा, शुभम और दीपक के साथ देखा गया था। शक के आधार पर पुलिस ने मृतका के जीजा को हिरासत में लिया, इसके बाद जब सख्ती से पूछताछ की तो उसने जुर्म कबूल कर लिया। जांच के दौरान फोरेंसिक टीम को घटनास्थल से जलाए गए कपड़े, पीड़िता की अंगूठी और अन्य सामान बरामद हुए हैं।
घटना को लेकर पुलिस अधीक्षक ने बताई यह बात
एसपी (ग्रामीण) आदित्य बंसल ने बताया कि 23 जनवरी को 21 वर्ष की लड़की की गुमशुदगी की शिकायत मिली थी। जब जांच की गई तो पता चला कि आखिरी बार 21 जनवरी को लड़की को उसके जीजा और उसके दो साथी शुभम और दीपक के साथ देखा गया था। घरवालों ने आशंका जताई थी कि इन्हीं तीनों द्वारा कुछ गलत किया गया है। इस सूचना पर तुरंत केस दर्ज किया गया और जांच शुरू की गई तो पूरी कहानी सामने आ गई।
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